कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच बनी सहमति; डिजिटल सेवा कर को लेकर हुए गतिरोध के बाद दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने का लिया निर्णय।
ओटावा, 30 जून (नवभारत): कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएं एक बार फिर से शुरू होने जा रही हैं। दोनों देशों के बीच डिजिटल सेवा कर (DST) को लेकर जारी गतिरोध के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच सहमति बनी है, जिसके बाद ओटावा ने अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को सामान्य करने का संकेत दिया है।
यह निर्णय तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में घोषणा की थी कि अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों पर कनाडा के डिजिटल सेवा कर के कारण अमेरिका कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ता समाप्त कर देगा। श्री ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि कनाडा का यह कर अमेरिका पर एक सीधा और स्पष्ट हमला है। 30 जून से लागू होने वाले डिजिटल सेवा कर के तहत अमेज़न, गूगल, मेटा, उबर और एयरबीएनबी जैसी अमेरिकी कंपनियों को कनाडा के उपयोगकर्ताओं से होने वाले राजस्व पर तीन प्रतिशत शुल्क देना था। हालांकि, अब ऐसा प्रतीत होता है कि कनाडा ने इस मुद्दे पर अपना रुख नरम किया है, जिससे बातचीत की राह फिर से खुल गई है। प्रधानमंत्री कार्नी ने स्थानीय मीडिया से कहा, “हम कनाडाई लोगों के सर्वोत्तम हित में इन जटिल बातचीत को जारी रखेंगे। यह एक वार्ता है।” यह बयान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बनाए रखने की कनाडा की इच्छा को दर्शाता है, खासकर ऐसे समय में जब सांख्यिकी कनाडा के अनुसार अप्रैल में कनाडा का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद 0.1 प्रतिशत कम हुआ है।
डिजिटल सेवा कर पर सुलह की उम्मीद, दोनों देशों के आर्थिक हित सर्वोपरि
कनाडा का यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल सेवा कर को लेकर अमेरिका के सख्त रुख के बाद कनाडा पर कूटनीतिक दबाव बढ़ गया था।
अब दोनों देश उन मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर वापस आ रहे हैं, जो उनके मजबूत आर्थिक संबंधों को प्रभावित कर रहे थे, यह देखते हुए कि दोनों देशों के बीच सालाना खरबों डॉलर का व्यापार होता है।

