उज्जैन: भरतपुरी स्थित विकास प्राधिकरण की लैंड पूलिंग योजना के तहत अब तक 1100 किसानों ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। योजना में कुल 1806 किसानों की जमीन चिन्हित की गई है। आपत्तियाँ 24 मई तक ली जाएंगी और 30 मई तक उनका निराकरण किया जाएगा। योजना के अंतर्गत किसानों को खेती के साथ-साथ निर्माण की अनुमति मिलने से वे सहमत होते दिख रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि योजना के बाद जमीन के भाव बढ़ेंगे। सिंहस्थ 2028 से पहले 5000 करोड़ के विकास कार्य होंगे, जिसमें संस्थाएं और किसान दोनों निर्माण कर सकेंगे। आपत्तियाँ सभी 8 सेक्टरों से प्राप्त हुई हैं।
नाम न छापने की शर्त पर किसान ने बताया कि अब तक खेती की जमीन पर किसान खेती ही करते आ रहे हैं, सिंहस्थ क्षेत्र होने की वजह से कोई निर्माण भी नहीं हो पा रहा है और यदि स्थाई लैंड पूलिंग जैसी योजना नहीं आती तो आगे भी खेती ही करना है, विकास प्राधिकरण ने जिस प्रकार से योजना बनाई है उसमें निर्माण की अनुमति भी दी जा रही है इसलिए कई किसान योजना के तहत मन बना रहे हैं.
