मुंबई, 30 जून (वार्ता) कोटक महिंद्रा बैंक ने जर्मनी के डॉयचे बैंक के भारत में खुदरा बैंकिंग, निजी बैंकिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की है।
दोनों बैंकों ने मंगलवार को जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक और डॉयचे बैंक की भारतीय शाखा के बीच इस संबंध में एक अंतिम समझौता हो गया है।
अधिग्रहण किये जाने वाले कारोबारों में तकरीबन 29,000 करोड़ रुपये (लगभग 2.7 अरब यूरो) के ऋण पोर्टफोलियो, 16,000 करोड़ रुपये (लगभग 1.5 अरब यूरो) की जमा राशि तथा 10,500 करोड़ रुपये (लगभग 1.0 अरब यूरो) की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां शामिल हैं। यह कारोबार लगभग 1.5 लाख ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है और इसमें लगभग एक हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।
अधिग्रहण की प्रक्रिया सितंबर 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। अभी इसके लिए नियामकीय मंजूरियां मिलनी शेष हैं। इस सौदे के तहत डॉयचे बैंक इंडिया के लगभग एक हजार कर्मचारियों के कोटक महिंद्रा बैंक में शामिल होने की उम्मीद है।
कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अशोक वासवानी ने कहा, “यह सौदा हमारे समृद्ध ग्राहकों और छोटे तथा मझौले उद्यम (एसएमई) क्षेत्रों पर केंद्रित रणनीतिक लक्ष्य के अनुरूप है। यह रणनीतिक दृष्टि से बेहद उपयुक्त है और व्यावसायिक रूप से भी लाभदायक है। इससे हमें बेहतर ग्राहक आधार, अनुभवी टीम और कारोबार के विस्तार के नये अवसर मिलेंगे। हमारी प्राथमिकता अनुशासित तरीके से एकीकरण करना, सेवाओं की निरंतरता बनाये रखना और इस व्यवसाय को और मजबूत बनाना होगी।”
डॉयचे बैंक ग्रुप में भारत एवं उभरते एशियाई बाजारों के कारोबार के सीईओ कौशिक शापरिया ने कहा कि यह सौदा डॉयचे बैंक के कारोबार को और अधिक केंद्रित एवं मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत की वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका इसे डॉयचे बैंक के लिए एक प्रमुख बाजार बनाती है। डॉयचे बैंक की ताकत मजबूत कॉर्पोरेट बैंक, इन्वेस्टमेंट बैंक तथा डीडब्ल्यूएस जैसे व्यवसायों की निरंतर वृद्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि कोटक महिंद्रा बैंक भारत स्थित निजी बैंकिंग और परिसंपत्ति प्रबंधन ग्राहकों को दीर्घकालिक सेवा निरंतरता प्रदान करेगा और कर्मचारियों के लिए भी बेहतर विकास के अवसर उपलब्ध करायेगा।
