
शिवपुरी। मानसून की दस्तक के साथ ही शिवपुरी जिले में रेत कारोबार पर बड़ा ब्रेक लग गया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले की सभी रेत खदानों में एक अक्टूबर तक खनन संबंधी सभी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के बाद खनन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों, परिवहनकर्ताओं के बीच हलचल तेज हो गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सतत रेत खनन प्रबंधन दिशा निर्देश 2016 तथा रेत खनन के लिए प्रवर्तन एवं निगरानी दिशा निर्देश 2020 के प्रावधानों के अनुरूप लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान नदियों के प्राकृतिक प्रवाह, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन की रक्षा के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक है।
आदेश के अनुसार जिले की किसी भी वैध रेत खदान में एक अक्टूबर तक खनन, उत्खनन, परिवहन अथवा अन्य संबंधित गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खनन गतिविधियों पर रोक से एक ओर जहां पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अवैध उत्खनन पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। हर वर्ष मानसून के दौरान नदी तंत्र को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जाती है, लेकिन इस बार प्रशासन ने पहले से ही निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त करने के संकेत दिए हैं।
जिले में अब प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती प्रतिबंध अवधि के दौरान अवैध रेत खनन और चोरी छिपे परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाना होगी। ऐसे में राजस्व, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
