तेहरान, 30 जून (वार्ता) ईरान इतिहास के सबसे बड़े राजकीय जनाजे की तैयारी कर रहा है। शनिवार से शुरू होने वाले छह दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम ईरान और इराक के पाँच शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान 28 फ़रवरी को युद्ध की शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई को उनकी मृत्यु के लगभग चार महीने बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। इस्लामिक गणराज्य के प्रशासन ने यह जानकारी दी है। श्री खामेनेई ने 37 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता (अयातुल्ला) के रूप में सेवा दी। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद इस्लामी गणराज्य की स्थापना के पश्चात इस पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेताओं में वह दूसरे स्थान पर रहे।
वर्ष 1939 में मशहद में जन्मे श्री खामेनेई 1981-1989 के बीच ईरान के राष्ट्रपति रहे। उनके पूर्ववर्ती आयतुल्ला रूहुल्ला खोमेनेई के निधन के बाद उन्हें ईरान का सर्वोच्च नेता चुना गया। श्री खामेनेई का शव 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से आखिरी सफर के इंतजार में है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण उनका जनाज़ा नहीं उठाया जा सका था। ईरान के अनुसार, अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम के तहत उनके जनाजे के लिए यह समय चुना गया है ताकि बिना किसी बाधा के उनके पार्थिव शरीर को सपुर्द-ए-खाक किया जा सके।
तेहरान इस बात को लेकर सतर्क है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मौजूदगी और निगाहों के बीच यह राजकीय समारोह बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो। अंतिम संस्कार से जुड़े समारोह शनिवार और रविवार को तेहरान स्थित मोसल्ला नमाज़ परिसर में शुरू होंगे, जो बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले राजकीय धार्मिक आयोजनों का प्रमुख स्थल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही इराक जाकर दोनों शहरों के गवर्नरों से मिलकर तैयारियों का जायज़ा ले चुके हैं। अंततः, श्री खामेनेई के पार्थिव शव को छठे दिन नौ जुलाई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जायेगा।

