अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने संघीय एजेंसियों के प्रमुखों को हटाने की राष्ट्रपति की शक्ति का विस्तार किया

वाशिंगटन, 30 जून (वार्ता) अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने संघीय एजेंसियों पर राष्ट्रपति के अधिकार का विस्तार करते हुए फैसला सुनाया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बिना कोई कारण बताए ऐसी अधिकांश संस्थाओं के प्रमुखों को हटाने का अधिकार है। अदालत ने हालांकि फेडरल रिजर्व बैंक को इससे अलग रखा है। अदालत ने ‘हम्फ्रीज एक्जीक्यूटर बनाम यूनाइटेड स्टेट्स’ मामले में 1935 के अपने फैसले को सोमवार को पलट दिया। 1935 के उस फैसले में स्वतंत्र नियामक एजेंसियों के सदस्यों को बिना किसी ठोस कारण के बर्खास्तगी से सुरक्षा दी गई थी, ताकि उनके फैसलों को राजनीतिक प्रभाव से दूर रखा जा सके।

यह मामला संघीय व्यापार आयोग (एफटीसी) की पूर्व कमिश्नर रेबेका स्लॉटर से जुड़ा था, जिन्हें ट्रम्प ने पद से हटा दिया था। जबकि संघीय कानून के तहत इन कमिश्नरों को केवल ‘अक्षमता, कर्तव्य में लापरवाही या पद के दुरुपयोग’ के आधार पर ही हटाया जा सकता था। श्री ट्रम्प ने उन्हें हटाने को सही ठहराते हुए तर्क दिया था कि उनका पद पर बने रहना उनके प्रशासन की प्राथमिकताओं के अनुकूल नहीं था। बहुमत का फैसला लिखते हुए मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने घोषणा की, “अगर हम्फ्रीज के फैसले में कुछ और बचा भी था, तो हम उसे खारिज करते हैं।”
अदालत के छह रूढ़िवादी (कंजर्वेटिव) न्यायाधीशों के समर्थन वाले इस फैसले से नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड, मेरिट सिस्टम्स प्रोटेक्शन बोर्ड और कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी कमिशन सहित करीब दो दर्जन स्वतंत्र संघीय एजेंसियां प्रभावित होने की उम्मीद है। इससे राष्ट्रपतियों को अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुसार इन एजेंसियों के नेतृत्व में बदलाव करने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

हालांकि, अदालत ने मौद्रिक नीति तय करने में केंद्रीय भूमिका के कारण फेडरल रिजर्व के लिए एक अपवाद रखा है। एक अलग 5-4 के फैसले में, न्यायाधीशों ने फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक को उनके पद पर बने रहने की अनुमति दी, जो खुद को होम लोन धोखाधड़ी के आरोपों के आधार पर हटाए जाने के ट्रम्प के प्रयास को चुनौती दे रही हैं। सुश्री कुक ने इन आरोपों से इनकार किया है। मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स और न्यायमूर्ति ब्रेट कवानॉग ने अदालत के तीन उदारवादी (लिबरल) न्यायाधीशों के साथ मिलकर कानूनी कार्यवाही जारी रहने तक सुश्री कुक को उनके पद पर बने रहने की अनुमति दी। कानूनी मामलों के रूढ़िवादियों का लंबे समय से तर्क रहा है कि राष्ट्रपति की हटाने की शक्तियों पर प्रतिबंध लगाना शक्तियों के संवैधानिक विभाजन का उल्लंघन करता है। श्री ट्रम्प ने इस फैसले की जमकर तारीफ की और इसे राष्ट्रपति के अधिकार का ऐतिहासिक विस्तार बताया। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि 1930 के दशक से ही राष्ट्रपति इस तरह के फैसले की मांग कर रहे थे। उन्होंने इसे ‘राष्ट्रपति की शक्तियों के संबंध में अब तक दिए गए सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक’ करार दिया।

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