
जमुना-कोतमा। नवभारत। भालूमाड़ा थाना क्षेत्र स्थित केवई नदी के पंप घाट पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 12 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया मासूम अचानक गहरे पानी में समा गया। सूचना मिलते ही पुलिस, स्थानीय नागरिकों और कॉलरी प्रबंधन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं तलाश अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों की मदद से बालक का शव नदी से बाहर निकाला गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गेट दफाई निवासी शिवम् गुप्ता (12) पिता सोम गुप्ता रविवार शाम अपने छह दोस्तों के साथ केवई नदी के पंप घाट पर नहाने गया था। शाम लगभग साढ़े चार बजे नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते नदी में डूब गया। साथ मौजूद बच्चों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने तत्काल परिजनों एवं स्थानीय लोगों को घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही भालूमाड़ा थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कॉलरी प्रबंधन के महाप्रबंधक सहित स्थानीय गोताखोरों और नागरिकों की मदद से नदी में लगातार तलाश अभियान चलाया गया। लगभग दो घंटे बाद शिवम् का शव नदी से बाहर निकाला गया। शव मिलते ही परिजनों का विलाप सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग नदी घाट पर पहुंच गए। भीड़ अधिक होने के कारण पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को नदी किनारे से दूर रहने की अपील की। इस दौरान कुछ देर हल्की नोकझोंक भी हुई, जिसे पुलिस ने समझाइश देकर शांत करा दिया।
अवैध रेत उत्खनन पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि केवई नदी में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है, जिससे नदी में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यही गहरे गड्ढे बच्चों और आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो संभवतः इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से केवई नदी में अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने, खतरनाक घाटों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी हृदयविदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
