
सौसर। सौसर विकास खंड की बहुचर्चित और हालिया दिनों में सियासी सरगर्मियों के केंद्र में रही ग्राम पंचायत रामाकोना को आखिरकार नया मुखिया मिल गया है। सोमवार को पंचायत भवन में हुए बेहद रोमांचक और कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुए चुनाव में वार्ड 4 की पंच ज्योति वासुदेव खंडाइत नई स्थानापन्न सरपंच निर्वाचित घोषित की गईं।
रोमांचक रहा मुकाबला, खंडाइत को मिले 11 वोट
पूर्व सरपंच श्वेता गगन गोहेल को वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामले में जिला पंचायत सीईओ द्वारा पदमुक्त व 6 साल के लिए अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यह पद रिक्त हुआ था। नियमानुसार, सोमवार को नए स्थानापन्न सरपंच के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। जिसमे ज्योति वासुदेव खंडाइत ने 11 वोट लेकर स्थानापन्न सरपंच पद पर का कब्जा किया। इसी तरह प्रतिद्वंद्वी कोकिला देवेंद्र चौधरी को 9 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। बताया गया कि कोकिला चौधरी उपसरपंच संतोष चौधरी कि उम्मीदवार थी।
हाईकोर्ट की कड़ाई के बाद बदली थी तस्वीर
गौरतलब है कि पिछले दिनों सरकारी राशि की हेराफेरी और गबन के मामले में घिरीं पूर्व सरपंच श्वेता गोहेल पर ‘मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम’ की धारा 92 (5) के तहत कार्रवाई की गई थी। हाईकोर्ट की सख्त फटकार और आला अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से तलब करने के बाद प्रशासन ने श्वेता गोहेल को 6 वर्ष के लिए चुनाव लड़ने और किसी भी जनप्रतिनिधि पद पर रहने के लिए अयोग्य ठहरा दिया था।
रुके हुए विकास कार्यों को मिलेगी गति:नवनिर्वाचित सरपंच
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित स्थानापन्न सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाइत का समर्थकों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। नवभारत से चर्चा में उन्होंने कहा कि पंचायत में रुके हुए विकास कार्यों को गति देना और पारदर्शिता के साथ जनता के हित में काम करना ही उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
बहरहाल इस चुनाव के संपन्न होने के साथ ही रामाकोना पंचायत में पिछले कई महीनों से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता पर फिलहाल विराम लग गया है।
