मुंबई | जेपी मॉर्गन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा लागू किए गए टैक्स सुधारों और नीतिगत फैसलों ने भारतीय शेयर बाजार में निवेश को अत्यधिक आकर्षक बना दिया है। लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स और डेट म्यूचुअल फंड से जुड़े नए कर नियमों के बाद, निवेशकों ने अपनी बचत को पारंपरिक तरीकों से हटाकर शेयर बाजार की ओर मोड़ दिया है। इस बुनियादी बदलाव के कारण बाजार में घरेलू निवेश का प्रवाह लगातार मजबूत बना हुआ है।
घरेलू निवेशकों का सुरक्षा कवच
रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बाजार से पैसा निकाला, तब भी भारतीय खुदरा निवेशक सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए मजबूती से डटे रहे। यह घरेलू भागीदारी अब बाजार के लिए एक सुरक्षा कवच बन गई है, जो वैश्विक झटकों और विदेशी फंडों की निकासी से उत्पन्न उतार-चढ़ाव को संभालने में सक्षम है।
आईटी सेक्टर को लेकर सावधानी
जहाँ जेपी मॉर्गन भारतीय शेयर बाजार के व्यापक दृष्टिकोण को लेकर काफी सकारात्मक है, वहीं उसने आईटी सेक्टर के प्रति निवेशकों को सावधान रहने की सलाह दी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से आ रहे बदलावों और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग को आने वाले समय में धीमी वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इन चुनौतियों से आईटी कंपनियों के सामने अनिश्चितता का दौर जारी रहने की संभावना है।

