अयोध्या | अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में एसआईटी द्वारा 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद, फैजाबाद एडवोकेट्स एसोसिएशन ने बड़ा ऐलान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर का कोई भी वकील इन आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि किसी अधिवक्ता ने आरोपियों का केस लड़ने की कोशिश की, तो उस पर 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
ट्रस्ट पदाधिकारियों को अयोध्या छोड़ने की चेतावनी
बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ने की चेतावनी दी है। वकीलों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर ट्रस्ट के ये पदाधिकारी शहर से नहीं गए, तो पूरे अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा और किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित कर दिया जाएगा। इस फैसले का स्थानीय वकीलों ने पुरजोर समर्थन किया है।
कानूनी प्रक्रिया और पुलिस जांच का दायरा
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर फिलहाल तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है और इसे छुट्टियों के बाद के लिए टाल दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस ने जांच तेज कर दी है और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बयान भी जल्द दर्ज किए जाएंगे।

