भोपाल: सीएम डॉ मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित जनगणना कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार की जनगणना भले ही क्रम में आठवीं हो, लेकिन अपने स्वरूप और उद्देश्य के कारण सबसे अलग है। उन्होंने कहा कि कोविड काल के कारण पूर्व में यह कार्य संभव नहीं हो सका, लेकिन अब अधिक शुद्धता और पारदर्शिता के साथ इस दायित्व को निभाना होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गणनाओं की बारीकियों और सटीकता के लिए व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है, अब प्रतिबद्धता और निष्पक्षता ही सफलता की पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि 1931 के बाद सामाजिक स्तर की इस प्रकार की जनगणना पहली बार हो रही है, इसलिए यह एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का अवसर है।
उन्होंने विकास कार्यों में संवेदनशीलता पर भी जोर देते हुए कहा कि यदि किसी का मकान, जमीन या दुकान प्रभावित होती है तो उसके भावनात्मक लगाव को समझना जरूरी है। साथ ही होली और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर प्रशासन को हाई अलर्ट रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषकों को राहत देने, नरवाई जलाने की समस्या को शून्य तक लाने तथा दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने के ठोस प्रयास करने पर भी बल दिया।
