नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शिक्षा सुधार, पेपर लीक पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन आज 10वें दिन में प्रवेश कर गया है। वहीं, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इस धरने के समर्थन में अपनी भूख हड़ताल के दूसरे दिन पर हैं। वे केवल नमक और पानी के सहारे अनशन कर रहे हैं। आंदोलन स्थल पर लगातार छात्रों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ रहा है, जो पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही की मांग को लेकर लामबंद हैं।
देशव्यापी समर्थन और भागीदारी का आह्वान
सोनम वांगचुक ने देशभर के नागरिकों से इस मुहिम में शामिल होने की मार्मिक अपील की है। उन्होंने कहा कि जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते, वे अपने शहर या गांव में एक दिन का सांकेतिक अनशन रखकर अपनी आवाज बुलंद करें। वांगचुक का मानना है कि यह लड़ाई केवल दिल्ली की नहीं, बल्कि देश के हर युवा के भविष्य और पर्यावरण सुरक्षा की है। उनके इस आह्वान का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना और व्यवस्था में आमूलचूल सकारात्मक बदलाव लाना है।
शिक्षा और पर्यावरण के प्रति जवाबदेही
आंदोलन के केंद्र में शिक्षा की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे हैं। वांगचुक ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि स्वच्छ हवा और सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन आने वाली पीढ़ियों के लिए अनिवार्य हैं। जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी सरकार से पेपर लीक मामलों पर सख्त कानून बनाने और शिक्षा क्षेत्र में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिद पर अड़े हुए हैं, ताकि देश का भविष्य सुरक्षित हो सके।

