
सिंगरौली। एनसीएल एक्सप्रेसवे पर शनिवार की देर शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बब्बे लाल की मौत के बाद रविवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने काटामोड़ पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण एक्सप्रेसवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। इसी नाराजगी के चलते परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया और जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। मृतक के परिजनों ने परिवार के लिए उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा देने की मांग करते हुए कहा कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि संबंधित प्रशासनिक और परियोजना अधिकारियों को मौके पर आकर लिखित रूप से कार्रवाई और सहायता का भरोसा देना होगा।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही मोरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने परिजनों और ग्रामीणों से लगातार चर्चा कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान वाहन स्वामी की ओर से मृतक के परिजनों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा अंत्योष्टि के लिए 30 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि दिलाई गई। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर मृतक के आश्रित परिवार को रेडक्रॉस सोसाइटी से भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया।
आर्थिक सहायता और प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद परिजन एवं ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद करीब तीन घंटे से जारी चक्का जाम समाप्त कराया गया और एनसीएल एक्सप्रेसवे पर यातायात दोबारा सामान्य हो सका। प्रदर्शन के दौरान कोयला परिवहन सहित अन्य वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं स्थानीय लोगों ने एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई।
