सिंगरौली: कलेक्ट्रेट सभागार में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक सांसद डॉ. राजेश मिश्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, कलेक्टर गौरव बैनल एवं एसपी सियाज केएम मुख्य रूप से उपस्थित रहे।बैठक में आगामी मानसून सत्र और जिले के यातायात प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए कई कड़े नीतिगत निर्णय लिए गए। सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों और नियमों की अनदेखी करने वाली कंपनियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सांसद ने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में भारी पेनाल्टी लगाने के निर्देश जारी किए हैं। जिले में संचालित औद्योगिक कंपनियों द्वारा रोड सेफ्टी के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा करते हुए सांसद ने बेहद कड़े निर्देश जारी किए। अब कंपनियों को अपने वाहनों के लिए अलग से अनिवार्य पार्किंग व्यवस्था करनी होगी।
निर्धारित एसओपी का उल्लंघन करने वाले ट्रांसपोर्टरों को सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। कंपनियों को हैवी वाहनों के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर बनाने और सीसीटीवी कैमरों से उनकी चौबीसों घंटे निगरानी करने को कहा गया है। ट्रांसपोर्टरों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सड़कों पर परिवहन के दौरान किसी भी प्रकार का कोल फ्लैश न गिरे। बैठक में ननि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय, भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदर लाल शाह, अपर कलेक्टर पीएस त्रिपाठी, ननि आयुक्त सविता प्रधान, सभी उपखण्ड अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौर, यातायात प्रभारी, कंपनियों के प्रतिनिधि व ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे।
सांसद ने दी आबकारी अधिकारी को नसीहत
शहरी इलाकों में यातायात को सुचारू बनाने के लिए सांसद ने अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्य सड़कों के किनारे अवैध रूप से संचालित गैरेज और गुमटियों द्वारा किए गए अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाएगा। बाजार केवल उनके निर्धारित स्थलों पर ही लगाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के भारी चालान काटे जाएंगे। आबकारी विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे गुमटियों की सघन जांच करें, ताकि वहां अवैध शराब की बिक्री न हो सके। इसके साथ ही, शराब की दुकानों को मुख्य सड़क से दूर स्थानांतरित करने का महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया गया। शहर के सभी बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नलों को तत्काल चालू करने और बंद स्ट्रीट लाइटों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए गए।
