ग्वालियर: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कूनो नदी के उद्गम स्थल कंजा गांव पहुंचे. जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस अवसर पर सिंधिया ने कूनो नदी के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए 43 करोड़ रुपये की लागत वाली कूनो नदी पुनर्जीवन परियोजना का लोकार्पण किया. इस योजना का फायदा क्षेत्र के किसानों को भी मिलेगा. इससे 1800 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी जो किसानों के लिए राहत भरी खबर है.
परियोजना का लक्ष्य जल संरक्षण, भूजल स्तर और कृषि उत्पादन बढ़ाना है. साथ ही, क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन बनाना है.परियोजना में 23 ग्राम पंचायत और 101 गांव को शामिल किया है.परियोजना की लागत 43 करोड़ रुपये तय की गई है. इससे जल भंडारण क्षमता में 5.12 एमसीएम का इजाफा होगा. कृषि सिंचाई क्षमता करीब 1800 हेक्टेयर बढ़ेगी.
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि पृथ्वी और प्रकृति है, तभी मानव का अस्तित्व संभव है. इस सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत कूनो नदी के उद्गम स्थल पर 2500 पौधों का रोपण किया जा रहा है. अब तक 1700 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं.
कूनो नदी के बारे में जानिए?
कूनो नदी 180 किलोमीटर लंबी है, यह गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना जिले से होकर गुजरती है.यह नदी कूनो राष्ट्रीय उद्यान के बीच से होकर गुजरती है, जिसे उद्यान की लाइफ लाइन भी माना जाता है.कूनो नदी का उद्गम स्थल गुना जिले के कंजा गांव में है और यह मुरैना जिले में स्थित चंबल नदी में जाकर विलीन होती है.
