
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा का फार्म भरने और चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति की अंतरिम राहत प्रदान कर दी। हालांकि चयन विचाराधीन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रखे जाने और नियुक्ति आदेश न्यायालय की अनुमति के बिना जारी न किए जाने की व्यवस्था दी गई है। इसी के साथ राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है।
दरअसल याचिकाकर्ता अधारताल जबलपुर निवासी सपना मेहर गढ़ेवाल की ओर से अधिवक्ता प्रवीण कुमार सेन ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने 24 फरवरी 2019 को माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 उत्तीर्ण कर ली थी। अब सरकार ने उच्चतम आयु सीमा 45 वर्ष कर दी गई है। कोरोना काल में नियुक्तियां नहीं हुईं, इस कारण अब याचिकाकर्ता की आयु बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने उक्त आदेश के तहत अंतरिम राहत प्रदान कर दी।
