इंदौर:महानगर के अलग-अलग इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध वसूली और अनधिकृत एजेंटों के सिंडिकेट ने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी है. छोटी ग्वालटोली, तिलकनगर, भंवरकुआं और संयोगितागंज थाना क्षेत्रों में बीते तीन दिनों के भीतर उपद्रवियों ने खौफ पैदा करते हुए 5 यात्री बसों को निशाना बनाया और उनके चालकों परिचालकों के साथ बेरहमी से मारपीट की. स्थानीय पुलिस थानों की निष्कि्रयता से क्षुब्ध होकर शनिवार को देवास बस यूनियन के पदाधिकारियों और चौहान ट्रैवल्स के संचालक धर्मेंद्र चौहान ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मिलकर सुरक्षा की मांग की.
शिकायत में बताया गया कि देवास इंदौर और इंदौर इच्छापुर रूट पर चलने वाली बसों से अवैध वसूली और एजेंटी के लिए राहुल सोनकर और कपिल नाम के दो व्यक्ति पिछले कई दिनों से बस स्टाफ पर अनुचित दबाव बना रहे थे. 25 जून को इन आरोपियों ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर बस नम्बर एमपी 41पी 0815 को रोककर उसके स्टाफ को बुरी तरह पीटा और वाहन के शीशे तोड़ दिए. इसकी जानकारी तत्काल डायल 112 को दी गई. इसके बावजूद, पुलिस की मदद न होने के कारण आरोपियों ने अगले दो दिनों में सवारियों से भरी चार और बसों में तोड़फोड़ कर यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी.
सबूत सहित शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
बस यूनियन का आरोप है कि इस गुंडागर्दी और रंगदारी को लेकर भंवरकुआं और तिलकनगर पुलिस थानों में पुख्ता सबूतों के साथ नामजद शिकायतें दी गई थीं, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया. इसी ढुलमुल रवैए के चलते मजबूरन उन्हें कमिश्नर कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा. मामले में पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि सड़कों पर इस तरह की रंगदारी और अराजकता को कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. संबंधित सभी थाना प्रभारियों को मामले की निष्पक्ष और तुरंत जांच सौंप दी है. हुड़दंग करने वाले और वसूली में शामिल हर एक दोषी को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
