चंपत राय से बड़ा भ्रष्ट कोई नहीं : दिग्विजय सिंह

श्रीराम मंदिर दान और आरएसएस पर दिग्विजय के तीखे आरोप, कांग्रेस चलाएगी जन-अभियान

उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर एक ऐसी सनसनी फैला दी, जिसमें भाजपा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को तो क्लीन चिट दे दी और अब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। दरअसल, सिंह ने कहा कि पुराने प्रशासनिक भवन कोठी को 1 रूपये में लीज पर दिया इसमें कोई गलत कार्य नहीं हुआ है। वह सरकारी ट्रस्ट ही है कमलनाथ सरकार के दौरान तो इसे ओबेरॉय होटल में हम तब्दील करने वाले थे।

जबकि जीतू पटवारी लगातार मध्य प्रदेश सरकार को घेर रहे हैं कि वीर भारत न्यास को जो इमारतें लीज पर दी गई हैं, वो गलत है और उन पर सवाल खड़े किए जा रहे थे। इधर दिग्गी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर दूध का दूध पानी का पानी कर दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को उज्जैन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर ट्रस्ट, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए।

करोड़ों लोगों ने दिया था चंदा

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधते हुए कहा कि चंपत राय से बड़ा बेईमान और भ्रष्ट व्यक्ति कोई नहीं है। भगवान राम के मंदिर के नाम पर जमकर चंदाखोरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चांदी की ईंटों, गहनों, विदेशी चंदे और नकद दान में भारी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने चंपत राय के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच कराने की मांग की। दिग्गी राजा ने कहा की कसम राम की खाते हैं चंदा मंदिर का ही खाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1992 के बाद राम मंदिर आंदोलन के दौरान लगभग 12.5 करोड़ लोगों ने चंदा दिया था। लेकिन आज तक उसका पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न दानदाताओं द्वारा दी गई राशि और चांदी की शिलाओं का भी समुचित लेखा-जोखा सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि केवल किसी ट्रस्टी के इस्तीफे से मामला समाप्त नहीं होता, बल्कि पूरे ट्रस्ट प्रबंधन की जवाबदेही तय होना चाहिए।

कांग्रेस करेगी आंदोलन

दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस अब इन मुद्दों को लेकर जन-आंदोलन चलाएगी। इसके तहत उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में समितियों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को कथित अनियमितताओं और दान संबंधी आरोपों की जानकारी देंगी। उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को भी सलाह दी कि वे अपने पास रखे अनेक विभागों की समीक्षा करें और कथित भूमि मामलों में सतर्कता बरतें। महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस से जुड़ी संस्थाओं ने महाकाल मंदिर की जमीनों पर कब्जा कर गेस्ट हाउस बना लिए हैं।

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