ग्वालियर: माधव इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस कॉलेज के दूसरे साल के कुछ छात्रों ने एक ऐसा ड्रोन बनाया है, जो आपदा के समय लोगों की मदद करेगा. ये ड्रोन एआई टूल्स से लैस है. जिसकी मदद से ड्रोन खुद ब खुद आपदा में फंसे लोगों को ढूंढ कर उन तक राहत सामग्री भेज सकता है.इन छात्रों ने अपने फैकल्टी एडवाइजर डॉ यशवंत सावले की गाइडेंस में 3 महीने की मेहनत से कमाल का ड्रोन तैयार किया है. इसकी डिजाइनिंग, हार्डवेयर, पार्ट्स, सॉफ्टवेयर, एआई टूल्स यहां तक की बैटरी तक खुद डिजाइन किया है. इस ड्रोन से छात्रों ने अमेरिका में होने वाली एक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया. जिसमें पूरी दुनिया के अलग-अलग देशों से करीब 94 टीम्स हिस्सा ले रही हैं. इस कम्पटीशन में टॉप 50 टीम में ग्वालियर की एमआईटीएस कॉलेज की टीम ‘त्रिनेत्र’ क्वालिफीई भी कर चुकी है, अब फाइनल चरण अमेरिका के ट्युलसा में अगले महीने आयोजित होगा.
ग्वालियर एमआईटीएस कॉलेज की यह ड्रोन टीम पिछले तीन महीनों से लगातार इस पेलोड ड्रोन पर काम कर रही थी. इस टीम को लीड कर रहे छात्र पार्थ सोनी ने बताया कि, “यह एक क्वाडकॉप्टर ड्रोन है, जो एक्स-फ्रेम स्टाइल में बना है. जिसका टोटल वजन लगभग 6 किलोग्राम है और यह अपने साथ दोगुना वजन लेकर उड़ सकता है. इसके साथ इसमें एआई डिटेक्शन और जियो टैग लोकेशन जैसे फीचर्स भी इसमें ऐड किए हैं.”
भारत से दो टीम ले रही प्रतिस्पर्धा में हिस्सा
ये ड्रोन तीन महीने की मेहनत में तैयार हुआ है, लेकिन इसे तैयार करने का मोटिवेशन एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से मिली. अमेरिका में होने वाला ये ऐसा कंपटीशन है, जिसमें विश्वभर से कॉलेज टीम्स हिस्सा लेते हैं. इस साल भी भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देशों से 100 से ज्यादा टीम्स ने इसमें भाग लेने के लिए प्रयास किया है. जिसमे भारत की और से भी दो शिक्षण संस्थाओं की टीम जिनमें ग्वालियर की एमआईटीएस कॉलेज से त्रिनेत्र टीम पहले ही क्वालिफाई कर चुकी है और दूसरी टीम आईआईटी मद्रास की होगी.
