उज्जैन: घर बेचकर तीर्थ करने की कहावत अब पुरानी हो गई है, नया दौर है नई उमंग है और अब है विकास की नई कहानी… ऐसे मे सिंहस्थ के तहत मंदिरों के निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य का जिम्मा नए सिरे से उठाने की कवायद शुरू की गई है, जिसमें टेंपल बांड के जरिए कर्ज लेकर धार्मिक स्थलों को कायाकल्प किया जाएगा. ऐसे में कर्ज को लौटाने की क्या प्रक्रिया होगी उसे सीए टीम ने समझा.
देश में पहली बार जारी होने जा रहे टेंपल बॉन्ड की तैयारियों के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) की एक टीम उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) पहुंची. टीम ने प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति, परिसंपत्तियों, आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं, चल रहे विकास कार्यों और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का विस्तृत अध्ययन किया. इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों ने टेंपल बॉन्ड से जुड़ी प्रक्रिया के लिए आवश्यक जानकारी और दस्तावेज टीम को उपलब्ध कराए.
टर्न ऑवर पूछा
सीए टीम ने उज्जैन विकास प्राधिकरण की कुल परिसंपत्तियों, उपलब्ध फंड, टर्नओवर, संचालित योजनाओं, विकसित किए गए प्लॉट, निर्मित आवासों, चल रही परियोजनाओं और हितग्राहियों को मिले लाभ की जानकारी प्राप्त की. साथ ही, सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण द्वारा तैयार किए जा रहे विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई.
गिनाई योजनाएं
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने टीम को बताया कि प्राधिकरण द्वारा त्रिवेणी विहार, शिप्रा विहार, वसंत विहार और भार्गव नगर जैसी कई आवासीय योजनाएं विकसित की गई हैं, जिन्हें नागरिकों से अच्छा प्रतिसाद मिला है. इन योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को आवासीय भूखंड और आवास उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अलावा विभिन्न कमर्शियल योजनाओं के माध्यम से शहर में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
15 सड़क यूनिटी मॉल
प्राधिकरण द्वारा वर्तमान में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जा रहे हैं. इनमें यूनिटी मॉल का निर्माण, महाकाल भक्त निवास परियोजना का निर्माण, जहां लगभग 4 हजार कमरों की धर्मशाला विकसित की जाएगी, प्रमुख हैं. इसके अलावा सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए 15 सड़कों का निर्माण और एक महत्वपूर्ण पुल का निर्माण भी किया जा रहा है.
काम का अनुभव
प्राधिकरण ने सीए टीम को यह भी बताया कि वह पूर्व में कई मंदिरों के विकास कार्य कर चुका है और वर्तमान में भी उज्जैन एवं आसपास के धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों को गति दी जा रही है. सीए टीम अब देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल तक के अधिकारियों को फीडबैक देगी उसके बाद आगे की प्रक्रिया संपन्न होगी.
11 मंदिर के लिए 1100 करोड़
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन और आसपास के 11 प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए लगभग 1100 करोड़ रुपए की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए देश में पहली बार 200 करोड़ रुपए के टेंपल बॉन्ड जारी किए जाएंगे. इस राशि का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, सड़क, सुगम दर्शन व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा. इस योजना में महाकालेश्वर मंदिर के अलावा काल भैरव, मंगलनाथ, चिंतामन गणेश, सिद्धवट, संदीपनी आश्रम, गढ़कालिका और नलखेड़ा मंदिर सहित कुल 11 धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है
