
उज्जैन। दवा बाजार में शुक्रवार दिनदहाड़े युवती पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने कुछ घंटे बाद घेर लिया। आरोपी भगाने के लिए दीवार पर चढ़ गया लेकिन गिरने से उसका एक पैर टूट गया। पुलिस अभिरक्षा में उसका उपचार कर रही है।
नीलगंगा थाना क्षेत्र स्थित दवा बाजार में काम करने वाली पूजा उर्फ गुनगुन रजक 19 साल दोपहर में ड्यूटी पहुंची थी। उसी दौरान बाजार के परिसर में उसे ग्राम डेंडिया के रहने वाले सुनील पिता लालाराम जारोलिया ने रोक लिया और बात नहीं करने पर तबाड़तोड़ चाकू से वार करना शुरू कर दिये। चाकू के पांच गहरे घाव लगने पर पूजा लहूलुहान हो गई। आसपास के लोग युवती को बचाने के लिए दौड़े तभी आरोपी सुनील मौके से भाग निकला। घटनास्थल पर काफी खून फैल गया था युवती को अस्पताल पहुंच गया मामले की जानकारी लगते ही नीलगंगा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हालत गंभीर होने पर युवती को चरक अस्पताल से रेफर किया गया। परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
आरोपी की तलाश में थाना प्रभारी तरुण कुरील ने टीम गठित की और भागने वाले रास्ते को ट्रेस किया। करीब 4 घंटे बाद आरोपी की इंजीनियरिंग कॉलेज के आसपास पुलिस ने घेराबंदी कर ली। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ऊंची दीवार पर चढ़ गया लेकिन संतुलन बिगडऩे से जमीन पर गिरा जिसके चलते उसका एक पैर टूट गया। पुलिस ने तत्काल उसे दबोचा और अस्पताल लेकर आई डॉक्टर ने पैर में फैक्चर होना बताया पुलिस ने अभिरक्षा में उपचार शुरू कराया है। थाना प्रभारी कुरील के अनुसार घटनाक्रम सामने आने के बाद मामले में आरोपी सुनील के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया था। पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें युवती पर आरोपी हमला करता दिखाई दे रहा है।
युवती ने बात करना कर दिया था बंद
आरोपी ने बताया कि उसका 4 साल से पूजा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था लेकिन कुछ दिनों से उसने बात करना बंद कर दिया था। जिसके चलते वह दवा बाजार पहुंचा था। उसने पूजा को रोका और बात करने की कोशिश की लेकिन वह अपने रिश्तेदारों को बुलाने के लिए फोन लगाने लगी इसी के चलते उसे पर चाकू से हमला किया। आरोपी का कहना था कि उसे अपनी गलती पर पछतावा है वह पूजा से बहुत प्यार करता है। इधर देर शाम तक पूजा की हालत नाजुक बनी हुई थी। घटनाक्रम के बाद पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा युवती के हालचाल जानने और परिजनों से मिलने अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने हर संभव उपचार का आश्वासन परिजनों को दिया।
