एसीएस रश्मि अरुण सामी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अवमानना प्रकरण में गलत अनुपालन प्रतिवेदन दाखिल करने पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव रश्मि अरुण सामी पर 25 हजार रुपये का व्यक्तिगत जुर्माना लगाने के साथ कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह राशि अधिकारी स्वयं वहन करेंगी और इसकी प्रतिपूर्ति सरकारी खजाने से नहीं की जाएगी।

अवमानना याचिकाकर्ता मनीष व्यास सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्राए आशीष कुमार तिवारी, निर्देश कुमार पटेल व असीम त्रिवेदी ने पक्ष रखा। कोर्ट ने पाया कि 27 मार्च 2025 को पारित आदेश में याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण पर विचार करने का निर्देश था, लेकिन विभाग ने 11 जून 2026 के आदेश से केवल सात अक्टूबर 2016 की विनियमितीकरण योजना का लाभ देते हुए उन्हें स्थायी कर्मी घोषित कर दिया। इसी आदेश को अनुपालन बताते हुए 16 जून को रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

एसीएस ने मानी अपनी गलती-

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्वीकार किया कि गलत आदेश और त्रुटिपूर्ण अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत हो गया था व बिना शर्त माफी मांगते हुए रिपोर्ट वापस लेने की अनुमति चाही। जिस पर न्यायालय ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे वरिष्ठ अधिकारी से ऐसी त्रुटिपूर्ण अनुपालन रिपोर्ट की अपेक्षा नहीं की जा सकती। इसके बाद रिपोर्ट वापस लेने की अनुमति देते हुए सात दिन के भीतर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के खाते में 25 हजार रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया। इसी मामले में दायर रिट अपील लंबित होने और उसमें नोटिस जारी होने के मद्देनजर अदालत ने अवमानना प्रकरण की सुनवाई स्थगित करते हुए जुलाई के तीसरे सप्ताह में मामले को फिर सूचीबद्ध करने के निर्देश दिये हैं।

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