सादगी और अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, जिलेभर में निकले 21 ताजिए 

अनूपपुर, नवभारत। जिले में मोहर्रम का मातमी पर्व शुक्रवार को बारिश की फुहारों के बीच अकीदत, सादगी और भाईचारे के साथ मनाया गया। आशूरा के मौके पर मुस्लिम समुदाय ने इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए नमाज अदा की तथा देश-दुनिया में अमन, शांति और खुशहाली की दुआएं मांगीं। जिलेभर में कुल 21 ताजियों का जुलूस निकाला गया, जिन्हें पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कर्बला में ठंडा किया गया। जुलूस में युवाओं ने लाठी, डंडा और तलवार के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए, जबकि सभी समुदायों के लोगों की सहभागिता ने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। जिले में अनूपपुर, कोतमा, भालूमाड़ा, बिजुरी और रामनगर सहित छह स्थानों पर ताजिए निकाले गए। अनूपपुर में 4, भालूमाड़ा में 5, कोतमा में 6, बिजुरी में 4 तथा रामनगर में 2 ताजिए विभिन्न मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे। जुलूस के दौरान या अली और या हुसैन के नारों से वातावरण गूंज उठा तथा जगह-जगह लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

अनूपपुर में अलाव और पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन

जिला मुख्यालय अनूपपुर में पुरानी सब्जी मंडी से ताजिए का जुलूस प्रारंभ होकर स्टेशन चौक, बस स्टैंड सहित प्रमुख मार्गों से निकला। बस स्टैंड ताजिया कमेटी द्वारा अलाव कार्यक्रम आयोजित किया गया। अकीदतमंदों ने पारंपरिक हथियारों के साथ लाठी, डंडा और तलवार के खेलों का प्रदर्शन कर अपनी कला का परिचय दिया। इसके बाद ताजियों को कर्बला में ठंडा किया गया।

कोतमा में मुख्य मार्गों से निकला जुलूस

कोतमा में मोहर्रम के अवसर पर विभिन्न मस्जिद कमेटियों के ताजिए पुराने स्टेट बैंक के सामने एकत्र हुए, जहां से आजाद चौक, गांधी चौक, स्टेशन चौक सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्बला लहसूई पहुंचे। इमाम चौक से भी इबादत के बाद सवारी निकाली गई। इससे पूर्व गुरुवार रात इस्लामगंज स्थित इमाम चौक में हुसैनी वारसी कमेटी द्वारा 10 रोजा लंगर-ए-आम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों जायरीन शामिल हुए। आयोजन में प्रदेश के मंत्री दिलीप जायसवाल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी शिरकत की।

भालूमाड़ा में इबादत और लंगर

भालूमाड़ा में भी मोहर्रम पूरे अदब और अकीदत के साथ मनाया गया। आशूरा के अवसर पर लोगों ने मस्जिदों में इबादत कर फातिहा पढ़ी और अमन-चैन की दुआएं मांगी। देर रात तक लंगर और सबील का आयोजन चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मोहर्रम को लेकर जिलेभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने बताया कि 21 स्थानों पर निकलने वाले ताजिया जुलूसों के लिए 25 फिक्स प्वाइंट बनाए गए थे। इसके अलावा 5 पेट्रोलिंग वाहन तथा 150 पुलिस जवान तैनात किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कोतमा में अतिरिक्त डीएसपी की तैनाती की गई, जबकि अनूपपुर और राजेंद्रग्राम में एसडीओपी को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। मोहर्रम के दौरान जिलेभर में शांतिपूर्ण माहौल रहा और पूरे आयोजन ने आपसी भाईचारे, सौहार्द एवं धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया।

Next Post

अमरकंटक पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सपरिवार मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की

Fri Jun 26 , 2026
अनूपपुर, नवभारत। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को दो दिवसीय निजी प्रवास पर मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले स्थित पवित्र तीर्थ नगरी अमरकंटक पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल, परिजनों और सहयोगियों के साथ मां नर्मदा उद्गम मंदिर में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर […]

You May Like