
भोपाल। उज्जैन में कथित बड़े पैमाने पर भूमि खरीद को लेकर सियासी घमासान शुक्रवार को और तेज हो गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि खोजी रिपोर्ट सामने आने के तीन दिन बाद भी राज्य के सर्वोच्च कार्यकारी पद की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
उमंग सिंघार ने कहा कि संबंधित पदाधिकारी के परिवार, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा की गई कथित भूमि खरीद को लेकर जनता के सामने पारदर्शी तरीके से तथ्य रखे जाने चाहिए। उनका कहना था कि अब तक न कोई औपचारिक बयान जारी किया गया, न प्रेस वार्ता की गई और न ही आरोपों का दस्तावेजी खंडन प्रस्तुत किया गया, जिससे विवाद और गहरा हुआ है।
उन्होंने सत्तारूढ़ दल के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि रिश्तेदार स्वतंत्र नागरिक हैं और उन्हें भूमि खरीदने का अधिकार है। सिंघार ने कहा कि यदि हर मामले में यही तर्क दिया जाएगा, तो जवाबदेही किसकी तय होगी।
प्रेस वार्ता में प्रस्तुत आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच परिवार की भूमि होल्डिंग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जबकि सबसे अधिक विस्तार नेतृत्व परिवर्तन के बाद के वर्षों में हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार और संबद्ध कंपनियों द्वारा जिन क्षेत्रों में भूमि खरीदी गई, उन्हें बाद में उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के विकास क्षेत्र में शामिल किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उमंग सिंघार ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा वर्ष 2025 में विधानसभा में भी उठाया था। उनके अनुसार, सरकार ने अपने उत्तर में स्वीकार किया था कि शिकायतें दर्ज हैं और पुलिस जांच जारी है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराए जाने तथा सभी संबंधित तथ्य और दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की मांग दोहराई।
