
सारनी। पाथाखेड़ा में मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा,पाथाखेड़ा वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) पाथाखेड़ा क्षेत्र में वर्षों पुरानी बड़ी बिजली लाइनों के आसपास फैली पेड़ों की शाखाएं अब गंभीर खतरे का कारण बनती जा रही हैं। लगातार बारिश, तेज हवा और तूफान के मौसम में हाईटेंशन तारों से टकराती टहनियों के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में छोटी लाइनों में बार-बार फॉल्ट होना और घंटों बिजली गुल रहना अब आम समस्या बन चुकी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर बड़े और छोटे पेड़ों की शाखाएं सीधे बिजली तारों को छू रही हैं, जिससे स्पार्किंग और लाइन ब्लास्टिंग जैसी घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ों की कटाई-छंटाई नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर होगी।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन हर बार जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर मामले को टाल दिया जाता है। डब्ल्यूसीएल अधिकारी नगर पालिका परिषद सारनी का हवाला देकर कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं, वहीं नगर पालिका द्वारा भी अब तक प्रभावी पहल नहीं की गई है।
समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने जिला कलेक्टर बैतूल से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि बारिश के मौसम में हाईटेंशन लाइनों के आसपास फैली शाखाओं की जल्द कटाई कराई जाए, ताकि आम जनता को संभावित दुर्घटनाओं से बचाया जा सके। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान होता है तो इसके लिए कंपनी प्रबंधन और नगर पालिका परिषद सारनी दोनों जिम्मेदार होंगे।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान चलाकर बिजली लाइनों के आसपास खतरनाक स्थिति में खड़े पेड़ों और शाखाओं को तत्काल हटाया जाए, जिससे पाथाखेड़ा क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल समाप्त हो सके।
