
भोपाल। लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान देने और उन्हें मिलने वाली पेंशन को आयकर से मुक्त करने की मांग उठाई। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए अनेक नई सुविधाओं की घोषणा की।
रवीन्द्र भवन में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री सोलंकी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली 30 हजार रुपये मासिक पेंशन को आयकर से मुक्त किए जाने की भी मांग दोहराई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जबकि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था को दबाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष के कारण देश में लोकतंत्र मजबूत बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए विशेष ट्रेन से तीर्थ यात्रा, सरकारी विश्राम गृहों में दो दिन तक निःशुल्क ठहरने की सुविधा, दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों की स्मृति में पार्क और मार्गों का नामकरण तथा गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने की भी बात कही।
उन्होंने कहा कि वृद्ध लोकतंत्र सेनानियों की सुविधा के अनुसार जिला अथवा बैंक शाखा परिवर्तन की व्यवस्था की जाएगी। जिन सेनानियों को अभी तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में लोकतंत्र सेनानियों को अधिकारी स्तर का सम्मान देने और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता तथा 95 वर्षीय वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानियों शांतिलाल संघवी और लक्ष्मीनारायण पाटीदार का शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन उपस्थित रहे।
