नई दिल्ली | एआई क्षेत्र के दो प्रमुख वैज्ञानिकों, नोम शजीर और जॉन जंपर के गूगल छोड़ने के ऐलान ने वैश्विक शेयर बाजार को झकझोर कर रख दिया है। इन दिग्गजों के इस्तीफे के बाद अल्फाबेट के मार्केट कैप से लगभग 270 अरब डॉलर और एनवीडिया को 200 अरब डॉलर का भारी नुकसान हुआ। अमेजन, मेटा और स्पेसएक्स के शेयरों में भी तेज गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों में एआई सेक्टर को लेकर गंभीर घबराहट और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है।
वैज्ञानिकों के पलायन का असर
नोम शजीर और जॉन जंपर एआई की आधुनिक तकनीक के आधार स्तंभ माने जाते हैं। शजीर की ‘ट्रांसफॉर्मर रिसर्च’ मौजूदा एआई मॉडलों की नींव है, जिसके लिए गूगल ने कभी करोड़ों खर्च किए थे। इनके अचानक ओपन एआई और एंथ्रॉपिक जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों में जाने से बाजार में यह संदेश गया कि गूगल एआई की दौड़ में अपनी पकड़ खो रहा है। इस घटना ने निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे भारी बिकवाली देखने को मिली।
मुनाफे पर उठते बड़े सवाल
यह घटना केवल वैज्ञानिकों के जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी एआई इंडस्ट्री के बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर रही है। निवेशक अब चिंतित हैं कि एआई पर अरबों डॉलर खर्च करने के बाद भी उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं हो रही है। बाजार अब केवल एआई की संभावनाओं के बजाय उसके वास्तविक मुनाफे और आर्थिक व्यवहार्यता पर जोर दे रहा है, जिससे भविष्य में टेक कंपनियों की रणनीतियों पर दबाव और बढ़ सकता है।

