
ग्वालियर। देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और नीट यूजी 2026 परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी “छात्रों की गूंज” अभियान का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस ने इस संकट के लिए सीधे तौर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की नाकामी और सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों और राजनीतिक संरक्षण के बीच संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया है।
सांसद पप्पू यादव ने आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि “छात्रों की गूंज” अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में 40 दिनों तक चलाया जाएगा, जिसके तहत कोचिंग हब, कॉलेजों और पुस्तकालयों में युवाओं को एकजुट किया जाएगा। कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा जारी करते हुए बताया कि 30 जून से 28 शहरों में पर्चा वितरण और नुक्कड़ बैठकें शुरू होंगी। जुलाई में कैंपस संपर्क और साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 1 अगस्त को सभी 28 शहरों में कलेक्टरेट का घेराव होगा। 9 अगस्त को दिल्ली में संसद का विशाल घेराव किया जाएगा।
*पेपर लीक अब ‘राष्ट्रीय पैटर्न’*
सांसद पप्पू यादव ने नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने और मामला सीबीआई को सौंपे जाने का हवाला देते हुए कहा कि इससे 20 लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य और मानसिक शांति पर सीधा हमला हुआ है। मीडिया व खोजी रिपोर्टों के आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 89 संदिग्ध पेपर लीक मामलों से करीब 6.5 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। पार्टी के मुताबिक, यह कुछ छात्रों की नकल का नहीं बल्कि वेंडर एजेंसियों, प्रिंटिंग प्रेस और सॉल्वर गैंग के संगठित नेटवर्क का “राष्ट्रीय पैटर्न” है, जो ‘जेल, बेल और फिर खेल’ के मॉडल पर काम कर रहा है।
उन्होंने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें गिनाते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत पद छोड़ें और माफिया-अधिकारियों के साथ कथित संबंधों की जांच हो। परीक्षा प्रणाली का ओवरहॉल हो। एनटीए, पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और डिजिटल सिस्टम की पूरी तरह से स्क्रूटनी कर सुरक्षा पुख्ता की जाए। वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी हो। परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति की तिथियां पहले से तय हों और उनका सख्ती से पालन हो।
कांग्रेस नेता ने साफ किया कि देश के युवाओं को अब सरकार के बहाने नहीं बल्कि न्याय चाहिए और छात्रों के भविष्य की चोरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
