जबलपुर: ओवरब्रिज टूटने के बाद कुछ दिनों तक बंद रखा गया शाहपुरा टोल नाका अब फिर से शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल गिरने के बाद प्रबंधन द्वारा कुछ दिनों तक वाहनों से टोल वसूली पूरी तरह बंद कर दी गई थी, लेकिन अब दोबारा टोल वसूला जा रहा है। इससे पहले से ही परेशान राहगीरों और किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
10 किमी का चक्कर लगाकर करना पड़ रहा आवागमन
जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज टूटने के बाद क्षेत्र का यातायात प्रभावित हो गया है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इसके बावजूद टोल नाके पर वाहनों से शुल्क लिया जा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
किराए के वाहनों से मटर मंडी ले जा रहे किसान
कई किसानों ने बताया कि इन दिनों बची हुई मटर की फसल मंडियों में पहुंच रही है। कई किसान अपनी उपज को किराए के छोटे वाहनों से मंडी तक पहुंचा रहे हैं। हालांकि ट्रैक्टर-ट्रॉली को टोल से छूट दी गई है, लेकिन किराए के वाहनों से मटर लेकर आने वाले किसानों को टोल देना पड़ रहा है, जिससे उनका खर्च बढ़ गया है।
रेलवे फाटक पर घंटों लग रहा जाम
एक ओर ओवरब्रिज टूटना और दूसरी ओर रेलवे फाटक के बार-बार बंद होने से किसानों और राहगीरों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार लोगों को एक-एक घंटे तक फाटक पर खड़ा रहना पड़ता है। किसानों का कहना है कि टोल की पर्ची के लिए करीब 260 रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं और फाटक पर लंबा इंतजार होने से मटर सूखने लगता है तथा मंडी भी देर से पहुंचते हैं।
ये है मामला
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले शहपुरा बाईपास पर अमन ढाबा के सामने बने ओवरब्रिज का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया था। इस घटना के बाद जबलपुर-भोपाल हाईवे पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। बताया जा रहा है कि पुल का दूसरा हिस्सा पहले से ही क्षतिग्रस्त था और उस पर मरम्मत कार्य चल रहा था। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पुल गिरने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
इनका कहना है
टोल नाके पर आधिकारिक रूप से शुल्क ना लेने का कोई भी आदेश जारी नहीं हुआ था, घटना के समय मैनेजर द्वारा उस समय बंद कर दिया गया था। जिसे बीच-बीच में उनके द्वारा ही फिर चालू कर दिया जाता है। टोल बंद करने का कोई भी अधिकारिक नोटिस अभी नहीं मिला है।
मदन सिंह रघुवंशी, एसडीएम शहपुरा
