जबलपुर: ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर अब ई-चालान को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। जानकारी के अनुसार 20 जनवरी को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार अब चालान मिलने के बाद निर्धारित समय में उसका निपटारा करना अनिवार्य होगा। समय सीमा में कार्रवाई नहीं करने पर वाहन से जुड़े कई आरटीओ कार्य प्रभावित हो सकते हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ ) श्रीमती रिंकू शर्मा के अनुसार पुलिस या अधिकृत अधिकारी द्वारा जारी चालान को फिजिकल माध्यम से 15 दिनों के भीतर और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से 3 दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
इसके बाद चालान को पोर्टल पर दर्ज कर दिया जाएगा। यदि 30 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो चालान को स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा। इसके अलावा 15 दिनों के भीतर चालान का भुगतान करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में चालान जमा नहीं करने की स्थिति में आरटीओ द्वारा वाहन से जुड़े किसी भी कार्य जैसे ट्रांसफर, परमिट, फिटनेस या लाइसेंस नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।आवश्यकता पड़ने पर वाहन को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
45 दिन में दो विकल्प : भुगतान या चुनौती
आरटीओ ने बताया कि चालान दर्ज होने के बाद वाहन चालक के पास 45 दिनों के भीतर दो विकल्प होंगे। वह चालान स्वीकार कर उसका भुगतान कर सकता है या फिर पोर्टल अथवा फिजिकल माध्यम से दस्तावेजों के साथ उसे चुनौती दे सकता है। यदि वाहन चालक चालान को चुनौती देता है तो निर्धारित प्राधिकरण द्वारा दस्तावेजों के आधार पर सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के बाद चालान को रद्द भी किया जा सकता है या फिर उसे सही मानते हुए अस्वीकार किया जा सकता है।
आधी राशि जमा कर कोर्ट में अपील का विकल्प
यदि आपत्ति खारिज हो जाती है तो वाहन चालक के पास 30 दिनों के भीतर चालान का भुगतान करने या आधी राशि जमा कर कोर्ट में अपील करने का विकल्प रहेगा।
साल में 5 चालान बकाया रहे तो लाइसेंस रद्द
परिवहन विभाग के अनुसार यदि किसी वाहन चालक के एक वर्ष में 5 या उससे अधिक चालान बनते हैं और उनका भुगतान नहीं किया जाता है तो पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। दोबारा ऐसी स्थिति बनने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी संभव है।
