
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नीट-यूजी 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस प्रकरण ने देश की परीक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। प्रयागराज में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ की घोषणा की, जिसका उद्देश्य परीक्षा अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से प्रभावित छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
उमंग सिंघार ने कहा कि नीट-यूजी 2026 विवाद ने सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। पेपर लीक, परीक्षाओं के निरस्तीकरण, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं में अव्यवस्था ने देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित किया है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस का यह अभियान 25 जून से 9 अगस्त तक देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जाएगा। 40 दिवसीय अभियान के दौरान पार्टी कार्यकर्ता और छात्र नेता प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों, कोचिंग संस्थानों, महाविद्यालय परिसरों, पुस्तकालयों और युवा समूहों से संवाद करेंगे। इसके तहत 1 अगस्त को सभी 28 शहरों में कलेक्टरेट घेराव तथा 9 अगस्त को नई दिल्ली में संसद घेराव का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
नीट-यूजी परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए सिंघार ने कहा कि इस विवाद के कारण 20 लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता में पड़ गया। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि छात्रों की मेहनत, मानसिक संतुलन और सार्वजनिक संस्थाओं पर उनके विश्वास पर सीधा आघात है।
देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुकी है। सिंघार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार तथा निश्चित वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई केवल एक परीक्षा की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य की लड़ाई है।”
