इंदौर एयरपोर्ट पर पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन की बड़ी तैयारी

इंदौर: किसी भी हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के आसपास सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही और पार्किंग को नियंत्रित रखना आवश्यक माना जाता है. सामान्यतः टर्मिनल भवन से एक निश्चित दूरी तक वाहनों के खड़े होने पर प्रतिबंध रहता है, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा सके. हालांकि, लंबे समय से जगह की कमी के कारण देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर इन व्यवस्थाओं को पूरी तरह लागू करना चुनौतीपूर्ण रहा है.

अब एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होने के बाद स्थिति बदलने जा रही है. एयरपोर्ट के मास्टर प्लान-2023 के तहत पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन को व्यवस्थित करने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में मौजूद तीन लेनों के अतिरिक्त पांच नई लेनों का निर्माण प्रस्तावित है. इसके लिए जल्द ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया द्वारा टेंडर जारी किए जाने की संभावना है.

आठ लेन की होगी नई व्यवस्था
वर्तमान में एयरपोर्ट पर आने वाले अधिकांश वाहन सीधे टर्मिनल भवन के सामने पहुंचते हैं. यात्री यहीं उतरते या सवार होते हैं, जिससे पीक आवर्स में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है. कई बार यात्री और अन्य वाहन चालकों को भी ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है. नई योजना के तहत तीन मौजूदा और पांच नई लेनों को मिलाकर कुल आठ लेन की व्यवस्थित यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी. इसके बाद एयरपोर्ट पहुंचने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्र से होकर गुजरना होगा.

योजना के अनुसार
लंबे समय तक रुकने वाले या प्रतीक्षा करने वाले वाहनों को पहले पार्किंग क्षेत्र में प्रवेश करना होगा. यात्री को छोड़ने या लेने वाले वाहनों के लिए अलग ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप लेन विकसित की जाएंगी. केवल यात्री उतारने या बैठाने वाले वाहन निर्धारित लेन का उपयोग कर सीधे प्रवेश और निकास कर सकेंगे. इससे टर्मिनल भवन के सामने अनावश्यक भीड़ और वाहनों की कतारें कम होंगी.

2025 की बैठक में रखा गया था प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होने के बाद वर्ष 2025 में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई थी. बैठक में इसे एयरपोर्ट की वर्षों पुरानी पार्किंग और ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान माना गया. अधिकारियों का मानना है कि नई लेन व्यवस्था लागू होने के बाद पार्किंग प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित होगा तथा यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी. साथ ही सुरक्षा मानकों का पालन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा.

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को भी मिलेगा बल
प्रस्तावित व्यवस्था को आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अनुमान है कि सिंहस्थ के दौरान वर्तमान की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक यात्री इंदौर एयरपोर्ट का उपयोग कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में बढ़े हुए यातायात दबाव को संभालने के लिए अभी से आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है. नई लेन व्यवस्था और बेहतर पार्किंग प्रबंधन से उस समय ट्रैफिक कंजेशन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा.

यात्रियों को मिलेंगे कई लाभ

नई व्यवस्था लागू होने के बाद एयरपोर्ट परिसर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी. यात्रियों को प्रवेश और निकास में कम समय लगेगा. पार्किंग संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा. सुरक्षा मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा. बड़े आयोजनों और बढ़ती यात्री संख्या के दौरान भी यातायात प्रबंधन आसान होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होने के बाद यह परियोजना इंदौर एयरपोर्ट के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और आने वाले वर्षों की बढ़ती यात्री आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बनेगी

Next Post

मोहर्रम जुलूस को लेकर भोपाल में ट्रैफिक प्लान बदला, आज से 26 जून तक शाम 6 बजे से रहेगा डायवर्जन

Wed Jun 24 , 2026
भोपाल: मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजियों और जुलूसों को देखते हुए राजधानी की यातायात पुलिस ने पुराने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। आम लोगों की आवाजाही सुगम रखने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 से 26 जून तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से […]

You May Like