भोपाल: राजधानी में सरकारी सफर का तरीका अब बदलने वाला है। राजधानी में पहली बार बड़े स्तर पर सरकारी कामकाज के लिए पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका उद्देश्य पेट्रोल-डीजल पर होने वाले खर्च को कम करना और शहर में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है।
इस योजना के तहत भोपाल नगर निगम पहले चरण में अपने सरकारी बेड़े में 50 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल करेगा। इन वाहनों को आसानी से संचालित करने के लिए शहर के प्रमुख सरकारी कार्यालयों और अन्य स्थानों पर 30 नए चार्जिंग स्टेशन भी तैयार किए जाएंगे।
नगर निगम ने वाहनों की उपलब्धता, संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयनित एजेंसी अगले तीन साल तक इन इलेक्ट्रिक वाहनों की व्यवस्था और देखरेख की जिम्मेदारी संभालेगी।
वहीं, भोपाल स्मार्ट सिटी भी इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अलग-अलग सरकारी विभागों के लिए करीब 2500 इलेक्ट्रिक वाहनों का साझा बेड़ा तैयार किया जाएगा, जिन्हें जरूरत के हिसाब से लीज मॉडल पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल से न सिर्फ सरकारी खर्च में कमी आने की उम्मीद है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में भोपाल सरकारी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने वाले प्रमुख शहरों में शामिल हो सकता है।
