भोपाल। प्रदेश में कथित “ट्रांसफर इंडस्ट्री” को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक खुले पत्र में प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्थानांतरण अब योग्यता और प्रशासनिक आवश्यकता के बजाय आर्थिक लेन-देन से प्रभावित होने लगे हैं।
पटवारी ने दावा किया कि नियमों और जनहित के आधार पर होने वाली स्थानांतरण प्रक्रिया कथित तौर पर ऐसी व्यवस्था में बदल गई है, जहां पदस्थापना योग्यता के बजाय “बोली” के आधार पर तय किए जा रहे है। प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों के लगातार हो रहे फेरबदल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कार्यकाल के दौरान लगभग 35 से 40 अधिकारियों के तबादले किए जा चुके हैं, जिनमें कुछ अधिकारी केवल कुछ सप्ताह तक ही पदस्थ रहे। उन्होंने कहा कि इतनी तेज़ी से हो रहे बदलावों की गंभीर समीक्षा आवश्यक है।
पटवारी ने सरकार के समक्ष सवाल रखे हैं—क्या प्रदेश में ट्रांसफर इंडस्ट्री संचालित हो रही है, क्या उसके तबादलों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाएगी पत्र सार्वजनिक होने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले सप्ताहों में इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
