
इंदौर: मालवा-निमाड़ में बारिश नहीं होने और गर्मी से राहत नहीं मिलने के कारण जून में भी बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार मई में इंदौर शहर में 44.50 करोड़ यूनिट बिजली का वितरण हुआ, जो पिछले वर्ष से करीब पांच करोड़ यूनिट अधिक है। 25 मई को अधिकतम मांग 748 मेगावाट और 26 मई को सर्वाधिक 1.61 करोड़ यूनिट खपत दर्ज की गई थी।
जून के पहले 21 दिनों में ही शहर में 28 करोड़ यूनिट बिजली वितरित की जा चुकी है। कई दिनों में मांग 700 मेगावाट के आसपास रही, जबकि दैनिक खपत डेढ़ करोड़ यूनिट से अधिक दर्ज हुई। कंपनी स्तर पर भी अधिकांश दिनों में खपत 8.5 से 9.5 करोड़ यूनिट के बीच रही।
सामान्यतः जून में बारिश के बाद बिजली की मांग घटने लगती है, लेकिन इस बार मानसून की सुस्ती के कारण एसी, कूलर और पंखों का उपयोग लगातार बढ़ा हुआ है। यही वजह है कि मई के बाद जून में भी बिजली खपत और मांग ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में भी मांग में विशेष कमी की संभावना नहीं है।
