
शाजापुर, हायर सेकेंडरी स्कूल ज्योति नगर में रविवार को परछाई के साथ छोड़ कर चले जाने का अद्भुत नजारा देखा गया. खगोल प्रभारी अशोक शर्मा ने बताया कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी परिभ्रमण करती है. तब पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध में जून माह में 21 जून को कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें लंबवत गिरती है.
यह स्थिति लगभग 23 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर स्थित होती है, जिसके कारण 21 जून का दिन वर्ष का सबसे बड़ा दिन जो कि 13 घंटे 30 मिनट का होता है. वहीं रात्रि 10 घंटे 30 मिनट की होती है. इस दिन सूर्य का दक्षिणायन प्रारंभ हो जाता है और अब दिन धीरे-धीरे छोटे होने लगेंगे. जबकि 23 सितंबर को दिन-रात बराबर हो जाते हैं. शाजापुर नगर कर्क रेखा के नजदीक होने के कारण परछाई के गायब होने का नजारा यहां भी दिखाया गया. इस दौरान विद्यार्थियों को बताया कि परछाई के साथ छोडऩे की घटनाएं हर कही नहीं होती. शाजापुर शहर कर्क रेखा के नजदीक होने से 21 जून आता है, तो दोपहर के समय कुछ लम्हों के लिए परछाई साथ छोड़ देती है. इस दौरान बच्चों ने खगोलीय घटना को लेकर कुछ सवाल भी पूछे, जिनका खगोल प्रभारी अशोक शर्मा ने जवाब देकर बच्चों की जिज्ञासा को शांत किया.
4 दिनों की अलग-अलग खासियत…
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि वैसे तो साल में 365 दिन होते हैं. हर दिन लगभग 24 घंटे का होता है, लेकिन 4 दिन ऐसे होते हैं, जिनकी अलग-अलग खासियत होती है. चार दिनों में 21 मार्च, 21 जून, 23 सितंबर एवं 22 दिसंबर होता है. इस अवसर पर प्राचार्य रेणुका परमार विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित था.
