संचालनालय लोक अभियोजन में हुआ योग, अधिकारी और कर्मचारियों ने लिया संकल्प 

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को संचालनालय लोक अभियोजन भोपाल में विभागाध्यक्ष एवं संचालक लोक अभियोजन, बी.एल. प्रजापति (उच्च न्यायिक सेवा) के सानिध्य में योग दिवस का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया. इस अवसर पर संचालनालय के समस्त अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया तथा स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संकल्प लिया.

कार्यक्रम का शुभारंभ मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योग के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक तथा आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई. योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने सूर्य नमस्कार, विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान साधना का अभ्यास किया. योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि के महत्व को रेखांकित किया गया.

इस अवसर पर वक्ताओं द्वारा महर्षि पतंजलि के योगदर्शन का उल्लेख करते हुए बताया गया कि पतंजलि योगसूत्र के प्रथम अध्याय “समाधि पाद” में वर्णित सूत्र “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” का तात्पर्य है कि योग के माध्यम से मन की चंचल वृत्तियों का निरोध होता है, जिससे व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि एवं आत्मा का शुद्धिकरण होता है. नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति तथा कार्यक्षमता प्रदान करता है. योग न केवल रोगों से बचाव का माध्यम है, बल्कि यह जीवन को अनुशासित, संतुलित एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने का भी सशक्त साधन है.

अपने उद्बोधन में विभागाध्यक्ष एवं संचालक लोक अभियोजन बी.एल. प्रजापति ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि नियमित योग, प्राणायाम एवं ध्यान व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाते हैं. उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी अपने व्यस्त प्रशासनिक एवं न्यायिक दायित्वों के निर्वहन से पूर्व प्रतिदिन योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास करते हैं, जिससे उन्हें कार्य करने की ऊर्जा, एकाग्रता एवं सकारात्मकता प्राप्त होती है. उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नियमित योगाभ्यास करने का आग्रह किया.

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित योगाभ्यास करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा योग के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के संकल्प के साथ किया गया. कार्यक्रम में संचालनालय लोक अभियोजन के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.

“योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने वाली एक जीवन-पद्धति है, जो स्वस्थ एवं सुखी समाज के निर्माण का आधार है.”

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