नयी दिल्ली, 21 जून (वार्ता) ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव नितिन खाडे ने रविवार को जल-संकट को एक बड़ी चिंता के रूप में रेखांकित करते हुए डेवलपर्स से अपनी परियोजनाओं में जल संरक्षण के उपाय करने का आह्वान किया।
दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित पांचवें नारेडको माही रियल एस्टेट कन्वेंशन 2026 में “टिकाऊ सामाजिक विकास और आत्मनिर्भर शहरों के लिए वैश्विक रास्ते” विषय पर पैनल चर्चा के दौरान श्री खाडे ने ऐसे वैकल्पिक विकास मॉडल अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सतत शहरीकरण को भी बढ़ावा दें।
जल संकट और बदलती जलवायु परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण उपायों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उन्होंने रियल एस्टेट डेवलपर्स से जल संरक्षण और ग्रामीण विकास पहलों में अधिक सक्रिय योगदान देने का आग्रह करते हुए कहा कि सतत विकास के लिए शहरों और गांवों दोनों के हितों को समान रूप से ध्यान में रखना होगा।
श्री खाडे ने कहा कि शहरों को अधिक रहने योग्य बनाने के प्रयासों के बावजूद कई चुनौतियां बनी हुई हैं, जिसके समाधान के लिए नवाचार आधारित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
भूमि संसाधन विभाग द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में लगभग 3.4 करोड़ हेक्टेयर बंजर एवं क्षरित भूमि का पुनर्स्थापन किया गया है, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आजीविका के अवसर सृजित हुए हैं।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पूर्व सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि स्थिरता का मूल उद्देश्य शहरों की दीर्घकालिक समृद्धि और अस्तित्व सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य के शहरों को जल, ऊर्जा और मानव संसाधनों जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के मामले में आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के लिए समावेशी और सुलभ भी होना चाहिये।
उन्होंने कहा, “शहर लोगों के लिए होते हैं। उन्हें प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण आवास, मजबूत अवसंरचना, बेहतर परिवहन और उच्च जीवन स्तर उपलब्ध कराना चाहिये।”
नारेडको माही के अध्यक्ष अनंता एस. रघुवंशी ने देश में सतत शहरों के विकास से जुड़ी जटिलताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में तीव्र शहरीकरण के साथ-साथ पुरानी अवसंरचना के पुनर्विकास की चुनौती भी मौजूद है।
