दहशत फैलाने वाले दो रीलबाज युवक हिरासत में

खंडवा। सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स बटोरने की होड़ में युवाओं का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि वे अब संवेदनशील सरकारी स्थानों को भी अपनी रीलबाजी का अड्डा बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला खंडवा के जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज परिसर से सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम रील के लिए काले जादू का ड्रामा रचना दो युवकों को भारी पड़ गया। दोनों युवकों ने अस्पताल परिसर में अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला एक वीडियो शूट किया और उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर दिया।

रील के अपलोड होते ही एक दिन में उसे हजारों व्यूज मिल गए, लेकिन इसके चलते आम लोगों में एक अजीब सी दहशत और भ्रांति फैल गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने शनिवार सुबह मामले का संज्ञान लेते हुए दोनों रीलबाज दोस्तों को हिरासत में ले लिया है। युवकों की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही उनके तमाम दोस्त कोतवाली थाने पहुंच गए और पुलिस के सामने उन्हें छोडऩे के लिए मन्नतें करते नजर आए।

वायरल रील में दिखाई दे रहा है कि एक युवक तांत्रिक की वेशभूषा में है, जो अस्पताल परिसर में दूसरे युवक से खाना खाने के लिए पैसे मांगता है। जब दूसरा युवक पैसे देने से मना करता है, तो तांत्रिक बना युवक उस पर भस्म (भभूत) छिडक़ देता है और भस्म गिरते ही दूसरा युवक अचेत होकर जमीन पर गिर जाता है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग से डरावना वॉइस ओवर देकर पोस्ट किया गया था, जिसे देखकर स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों के बीच यह अफवाह उड़ गई कि अस्पताल परिसर में कोई ऐसा जादूगर घूम रहा है जो खाना न खिलाने पर लोगों को हार्टअटैक से मार देता है। इस भ्रामक वीडियो से अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों में खौफ का माहौल बनने लगा, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया।

पुलिस कस्टडी में आने के बाद रीलबाजों की सारी हेकड़ी निकल गई और वे अब हाथ जोडक़र माफी मांग रहे हैं। पूछताछ में युवकों ने कबूल किया कि वीडियो में जो कुछ भी दिखाया गया है, वह पूरी तरह से काल्पनिक और नाटकीय है, वास्तविकता से इसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वे अपने व्यूअर्स से माफी मांग चुके हैं और पुलिस को भी लिखित में आश्वासन देने को तैयार हैं कि भविष्य में कभी ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे। युवकों ने यहां तक कहा कि अगर पुलिस कहेगी तो वे अपना वह इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिलीट कर देंगे, जिस पर उनके करीब 35 हजार फॉलोअर्स हैं। पकड़े गए युवकों में से एक आईटीआई का छात्र है और दूसरा पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। इनमें से एक के पिता रेलवे स्टेशन पर काम करते हैं और दूसरे के पिता फोटोग्राफर हैं, जो अपने बच्चों की इस करतूत और पुलिस कस्टडी से पूरी तरह अनजान हैं। युवकों ने बताया कि वे केवल सोशल मीडिया पर रीच बढ़ाने, प्रमोशन पाने और पैसे कमाने के लालच में ऐसा कंटेंट चुनते थे जो तेजी से वायरल हो सके, लेकिन इस बार उनका यह शौक सीधे उन्हें थाने की हवालात तक ले आया।

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