मोदी और मुर्मु ने ओडिशा में कोयला गैसीकरण परियोजना का शिलान्यास किया

भुवनेश्वर / नयी दिल्ली 20 जून (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा घरेलू कोयला संसाधनों के सतत उपयोग के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शनिवार को ओडिशा में झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड के कोयला-से-अमोनियम नाइट्रेट परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया।

इस अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लखनपुर स्थित परियोजना स्थल पर कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के बीच यह संयुक्त उपक्रम देश में कोयला प्रसंस्करण के एक नये युग की शुरुआत करेगा। यह स्वदेशी कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देगा तथा भारत के प्रचुर कोयला संसाधनों को मूल्यवर्धित रसायनों में परिवर्तित करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा तथा सहायक उद्योगों और सेवाओं के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।

भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड, कोल इंडिया लिमिटेड और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के बीच गठित एक संयुक्त उपक्रम कंपनी है, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड की 51 प्रतिशत तथा भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में लगभग 350 एकड़ कोयला क्षेत्र वाली भूमि उपलब्ध करा रही है, जहाँ इस परियोजना का निर्माण किया जायेगा।

राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन के अनुरूप यह परियोजना देशभर में भविष्य की कोयला-से-रसायन परियोजनाओं के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में कार्य करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य कोयला गैसीकरण के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 0.66 टन तकनीकी श्रेणी के अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करना है।

कुल 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित निवेश से विकसित की जा रही इस परियोजना को ओडिशा सरकार की उच्च स्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण से एकल खिड़की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। साथ ही केन्द्र सरकार के कोयला मंत्रालय द्वारा 1,350 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन सहायता भी प्रदान की गयी है, जिससे स्वदेशी कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को महत्वपूर्ण बल मिला है।

इस अवसर पर ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव, ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, सांसद, विधायक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

 

 

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