आत्महत्या को केवल परीक्षा से जोड़ना वैज्ञानिक तथ्यों से परे: डॉ बाजपेई

भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा के प्रवक्ता डॉ. हितेश बाजपेई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी आत्महत्या को केवल NEET परीक्षा, परीक्षा परिणाम या किसी एक घटना से जोड़कर देखना मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टि से सही नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आत्महत्या एक जटिल बहुआयामी प्रक्रिया है, जिसमें जैविक, मानसिक, पारिवारिक, सामाजिक और परिस्थितिजन्य कई कारण शामिल होते हैं।

डॉ. बाजपेई ने कहा कि कठिन परिस्थितियां, असफलताएं और तनाव व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन जोखिम तब बढ़ता है जब व्यक्ति तनाव से निपटने में असमर्थ महसूस करता है और उसे पर्याप्त भावनात्मक सहयोग या मानसिक स्वास्थ्य सहायता नहीं मिल पाती।

उन्होंने कहा कि NEET जैसी परीक्षाएं, प्रतिस्पर्धा और पारिवारिक अपेक्षाएं जीवन का हिस्सा हैं। लाखों विद्यार्थी असफलताओं के बाद भी आगे बढ़ते हैं। इसलिए किसी एक परीक्षा को आत्महत्या का एकमात्र कारण बताना वास्तविकता का सरलीकरण है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि समाधान तनाव प्रबंधन, भावनात्मक मजबूती, परिवार और समाज के सहयोग तथा समय पर परामर्श सेवाओं की उपलब्धता में है। उन्होंने नेताओं से अपील की कि आत्महत्या जैसे संवेदनशील विषयों पर जिम्मेदारी से बयान दें और इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बनाने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान दें।

 

 

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