मप्र ने समय से पहले पूरा किया लक्ष्य : मुर्मू 

ओंकारेश्वर/खंडवा । सिकल सेल उन्मूलन अभियान सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ जीवन देने की ऐतिहासिक पहल है। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहडोल से मिशन की शुरुआत की। मप्र ने समय-सीमा से पहले स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा कर मिसाल कायम की है।

ये बातें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में कहीं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इस मिशन को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने आगे कहा कि देश में नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु वर्ग के करोड़ों लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जो विश्व स्तर पर आनुवांशिक रोगों की जांच की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। इसमें मध्यप्रदेश का योगदान विशेष रूप से सराहनीय है।

जेनेटिक कार्ड समाज के लिए जन्मकुंडली जैसा : राज्यपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक एक करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। लगभग 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

 

सिकल सेल उन्मूलन को जन आंदोलन बनाएंगे: डॉ यादव

 

 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिकल सेल उन्मूलन अभियान को जन आंदोलन बनाने का आवाहन किया । यादव ने कहा कि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली ओंकारेश्वर से लिया गया यह संकल्प भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में 3700 से अधिक सिकल मित्र इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया।

 

शिवलिंग और शंकराचार्य की मूर्ति भेंट की

 

 

खंडवा जिले के इतिहास में पहली बार तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में 20 घंटे से ज्यादा रुकीं राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भगवान श्री ओंकारेश्वर महाराज का पावन चित्र और शिवलिंग तथा शंकराचार्य की मूर्ति भेंट कर सम्मानित किया। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने संबोधन में सभी वर्गों से भागीदारी की अपील की।

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