जबलपुर : आय से अधिक सम्पत्ति मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर (ईओडब्ल्यू) के शिकंजे में फंसे ननि के प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी पोला राव की नर्मदा सेवा सफाई समिति (फर्म) में हिस्सेदारी सामने आने के बाद टीम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। यादव कॉलोनी स्थित सील किया गया समिति का दफ्तर गुरूवार को खोला गया । इसके बाद सर्चिंग चली। साझेदारी से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए ।
विदित हो कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोलेराव पिता संन्यासी निवासी आदि प्लाजा के पीछे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच के बाद तीन अलग-अलग टीमों ने पोलेराव के जेडीए स्कीम-11 स्थित आलीशान निवास और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की थी । इस दौरान तीन करोड़ से अधिक की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ था। पोला राव जिस फ्लैट में रह रहा था, उसकी कीमत करीब 45 लाख रुपए और 16 लाख रुपए कीमत का सामान भी मिला था।
जांच के दौरान घर से करीब साढ़े 22 लाख रुपए कीमत के 150 सौ ग्राम वजनी सोने के जेवर जब्त किए गए थै । इसके अलावा 10 लाख से अधिक की बीमा पॉलिसी व अन्य निवेश, दो कारें, एक करोड़ 19 लाख रुपए के कैश लेनदेन के दस्तावेज, भूखंड व आंध्र प्रदेश में कृषि भूमि के दस्तावेज मिले थे। ईओडब्ल्यू ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। विस्तृत जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति का यह आंकड़ा कई गुना और बढऩे की उम्मीद है।
25 वार्डों की सफाई को ठेका
सूत्रों के मुताबिक जब्त दस्तावेजों में यह बात सामने आई कि नर्मदा सफाई समिति पास वर्तमान में 25 वार्डों की सफाई का ठेका है। स्वास्थ्य विभाग का प्रभार मिलने के बाद पोला राव ने इस समिति में हिस्सेदारी की और जमकर काली कमाई कमाई। जब्त दस्तावेजों के जरिए अब टीम यह पता लगाने में लगी है की पोला कितनी हिस्सेदारी थी । इसके अलावा और किन समितियों से उसकी हिस्सेदारी थी । यह बात भी सामने आ रही है कि अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चहेती समितियों को न सिर्फ ठेके दिलवाए, बल्कि उनमें मोटी रकम का निवेश कर अवैध कमाई की है। जिसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाया है ।
