महावीर नगर में आक्रोश, व्यवस्था पर उठा रहे सवाल

इंदौर: महावीर नगर में बोरिंग के पानी में गंदगी मिलने और लोगों के बीमार पड़ने की शिकायतों ने नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि निगम को एहतियातन बोरिंग बंद करनी पड़ी और रहवासियों को टैंकरों के भरोसे छोड़ना पड़ा. क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि समस्याओं की शिकायत के बावजूद समय रहते ध्यान नहीं दिया गया.

रहवासियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बोरिंग के पानी में गंदगी आ रही थी. दूषित पानी पीने से कई लोगों की तबीयत खराब हुई. जिसके कारण महावीर नगर के लोगों में काफी आक्रोश देखा गया आक्रोशित हुए लोगों ने निगम पर और व्यवस्थाओं पर सवाल किए. एक महिला ने बताया कि उनके छोटे बेटे की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद डॉक्टर को दिखाना पड़ा. डॉक्टर ने दूषित खान-पान और पानी से जुड़ी समस्या बताते हुए उपचार किया.

केवल एक दिन पानी वितरित किया

स्थानीय निवासी ममता पवार ने बताया कि शिकायत के बाद केवल एक दिन टैंकर से पानी वितरित किया गया, जो पूरी कॉलोनी के लिए पर्याप्त नहीं था. उनका कहना है कि शिकायत मिलने पर जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन बाद में समस्या की सुध लेने कोई नहीं आया.

बोरिंग का मीटिर निकाला

रहवासी कमला ने बताया कि बोरिंग का मीटर भी निकाल लिया गया है, जिससे पानी की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से नर्मदा पाइपलाइन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया.

कई बार शिकायत की

वहीं उषा तिवारी का आरोप है कि कॉलोनी की समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था भी प्रभावित है और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई
महावीर नगर के रहवासियों का सवाल है कि यदि बोरिंग के आसपास की संरचना इतनी जर्जर थी कि उसमें ड्रेनेज जल का रिसाव होने लगा, तो इसकी समय रहते निगरानी और मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। लोगों का कहना है कि नियमित निरीक्षण होता तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।

टैंकरों से पानी पहुंचा रहे

हालांकि वार्ड पार्षद सोनाली धारकर ने कहा कि शिकायत मिलते ही बोरिंग बंद कर दी गई थी और प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है. वहीं निगम अधिकारियों का दावा है कि सुधार कार्य जारी है और जल्द समस्या का समाधान कर लिया जाएगा.

 

क्षतिग्रस्त संरचना सुधारी, नए बोरिंग की प्रक्रिया शुरू

अपर आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि लगभग 20 वर्ष पुराने बोरिंग के आसपास लगी ईंटों के क्षतिग्रस्त होने के कारण रिसाव की स्थिति बनी थी, जिसे सुधार दिया गया है और नए बोरिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.

चैंबर लाइन और बोरिंग क्षेत्र में चल रहा मरम्मत कार्य

नगर निगम के जोनल अधिकारी इंदर अग्रवाल के अनुसार चैंबर लाइनों में प्लास्टर कार्य कराया जा रहा है तथा बोरिंग के आसपास मरम्मत का काम चल रहा है.

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