रीवा: रीवा शहर में भू-माफिया सक्रिय है नदी, नालो को भी नही छोड़ रहे है. नदी के तट तक प्लाटिंग कर दी गई है और नगर निगम सहित जिला प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है. बाढ़ आपदा को लेकर की जा रही तैयारियों की पोल भू-माफिया खोल रहे है जो ग्रीन जोन और रेड़ जोन तक प्लाट काट चुके है.शहर के कुठूलिया वार्ड क्रमांक 45 बीहर नदी के तट पर जमीन का कारोबार शुरू हो गया प्लाटिंग हुई जमीन भी बिक गई.
जब स्थानीय लोगों ने इस बात का विरोध किया तो भू माफियाओं के गुर्गो ने उन्हें जान से मरने तक की धमकी देने लगे. पूर्व में बाढ़ आपदा की मार झेल चुके रीवा नगर निगम क्षेत्र के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं नदी तट से तकरीबन 50 मी की दूरी तक किसी भी तरह के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने के कड़े निर्णय लिए गए थे, नदी एवं नालों के पास किसी भी तरह के अतिक्रमण को अवैध घोषित किया गया था.
नदी के तट को टाउन ऑफ कंट्री प्लानिंग के अनुसार ग्रीन बेल्ट घोषित किया गया है लेकिन यह सारे नियम शायद भू माफियाओं पर लागू नहीं हो रहे है. इन सब के बीच नदी के तट निरंतर भवन निर्माण और जमीन की खरीद फरोख्त का काम शुरू है. कुठुलिया वार्ड 45 में नदी के किनारे लगातार अतिक्रमण हो रहा है. इसी तरह शहर के कई नालो में अतिक्रमण किया गया है और कई ऐसे नाले है जिनका स्वरूप बदल दिया गया है. नगर निगम और राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा सीमांकन भी कराया गया, उसके बाद भी चिन्हित अतिक्रमण को नही हटाया गया.
