
पिपलियामण्डी। पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के ग्राम उजागरिया में भाजपा नेता संजय चुण्डावत की पत्नी वर्षा चुण्डावत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतका के मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने पति संजय चुण्डावत के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है, जबकि घटना के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सोमवार शाम ग्राम उजागरिया निवासी वर्षा चुण्डावत ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलने पर पति संजय चुण्डावत उसे पहले पिपलियामंडी और बाद में उपचार के लिए मंदसौर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि वर्षा की मौत के बाद पति संजय चुण्डावत बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अपने पैतृक गांव किटयानी स्थित घर ले गया। इसकी जानकारी मिलने पर मृतका के मायके पक्ष के लोग रतलाम से मंदसौर पहुंचे और उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। परिजन वायडी नगर थाना पहुंचे और थाना प्रभारी शिवांशु मालवीय से मिलकर मामले में निष्पक्ष जांच तथा चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
*पति पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप*
मृतका के चचेरे भाई जितेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि वर्षा की शादी वर्ष 2013 में संजय चुण्डावत के साथ हुई थी। दंपति के दो बच्चे हैं, जिनमें 10 वर्ष की पुत्री और 6 वर्ष का पुत्र शामिल है। परिजनों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से संजय चुण्डावत पत्नी के साथ मारपीट करता था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।
परिजनों के अनुसार वर्षा कई बार अपने माता-पिता को प्रताड़ना की जानकारी दे चुकी थी, लेकिन परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण किसी प्रकार की पुलिस शिकायत नहीं की गई। हाल के दिनों में भी उसने पति द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की जानकारी परिजनों को दी थी।
जितेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन पहले संजय का फोन आया और उसने बताया कि वर्षा को अटैक आया है तथा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ समय बाद ससुराल पक्ष की ओर से सूचना दी गई कि वर्षा ने जहर खा लिया है। जब परिजन मंदसौर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि शव बिना पोस्टमार्टम कराए घर ले जाया जा चुका है।
*आत्महत्या से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर की थी पोस्ट*
मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। वर्षा चुण्डावत ने आत्महत्या से एक दिन पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा की थी। पोस्ट में लिखा था—
“रब जो चाहे वही होना, फिर क्यों फिकरों में दिल खोना है।”
इस पोस्ट को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
*महिला सशक्तिकरण के कार्यों से मिली थी पहचान*
वर्षा चुण्डावत ग्राम पंचायत में महिला पंच रह चुकी थीं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कपड़े की थैलियां बनाने का प्रशिक्षण देती थीं। उनके इस कार्य के लिए अगस्त 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया था। वर्तमान में वह मंदसौर में बच्चों को अंग्रेजी कोचिंग भी पढ़ा रही थीं।
*पहले भी विवादों में रहा है आरोपी*
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2024 में संजय चुण्डावत पर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के कई किसानों ने फर्जी नारकोटिक्स अधिकारी बनकर पट्टे दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूलने के आरोप लगाए थे। इस संबंध में किसानों ने चित्तौड़गढ़ पुलिस और पिपलियामंडी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
*पुलिस ने किया केस दर्ज, आरोपी फरार*
पिपलियामंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने बताया कि मृतका के भाई की रिपोर्ट पर आरोपी संजय चुण्डावत के खिलाफ पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है तथा आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
