
सिंगरौली । जिला प्रशासन द्वारा बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के सुरक्षित भविष्य को लेकर आज एक विशेष संयुक्त निरीक्षण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशानुसार गठित संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग व्यावसायिक स्थलों से कुल 5 किशोर श्रमिकों और 1 बाल श्रमिक को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। प्रशासन की इस औचक दबिश से बाल श्रम कराने वाले नियोजकों में हड़कंप मच गया है। अभियान के दौरान श्रम निरीक्षक, बाल संरक्षण अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई और एनजीओ की संयुक्त टीम ने एनसीएल ग्राउंड में संचालित मेले एवं कचनी मोड़ स्थित गुप्ता मिष्ठान भंडार पर अचानक छापा मारा। इस सघन तलाशी और औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने कार्यस्थलों पर काम कर रहे मासूमों को मुक्त कराया। मुक्त कराए गए सभी 6 बाल व किशोर श्रमिकों को तुरंत वैधानिक प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से अब उनके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दूसरी ओर मासूमों से श्रम कराने वाले संबंधित नियोजकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इन सभी नियोजकों के विरुद्ध बाल श्रम प्रतिषेध और विनियमन अधिनियम 1986 के कड़े प्रावधानों के तहत वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है। जिला प्रशासन ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। बाल श्रम कराने वालों के विरुद्ध प्रशासन जीरो टॉलरेंस शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रहा है और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
