रोम, 15 जून (वार्ता) इटली ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम करने को तैयार है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोमवार को एक बयान में कहा, “संसद से मंजूरी मिलने के बाद इटली अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को पूरी तरह बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभियान में हिस्सा लेने को तैयार है।”
सुश्री मेलोनी ने कहा कि इस समझौते की घोषणा के बाद फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन, ईरान और अमेरिका के बीच शांति स्थापित होने पर ईरान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मध्यस्थ के रूप में बातचीत में शामिल होने के लिए कतर और पाकिस्तान को धन्यवाद दिया और कहा कि अब शांति के लिए अनोखे अवसर मौजूद हैं। इटली की प्रधानमंत्री ने कहा, “अतीत की तरह ही, इटली एक व्यापक समझौते की दिशा में राजनयिक प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए तैयार है। हमारे सिद्धांत स्पष्ट हैं- ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता और नौवहन की स्वतंत्रता की गारंटी होनी चाहिए।”
अमेरिका और ईरान ने एक बड़ी राजनयिक सफलता हासिल की है। अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक समझौते की घोषणा की, जिसका उद्देश्य पिछले तीन महीनों से अधिक समय से चल रहे उस संघर्ष को समाप्त करना है जिसने वैश्विक तेल बाजारों को प्रभावित किया था और पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध की आशंका बढ़ा दी थी। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किया जाना है। यह सफलता पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और तुर्की के मध्यस्थता प्रयासों के बाद मिली है। इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि हस्ताक्षर समारोह से पहले पूरे हफ्ते बातचीत जारी रहेगी।
हालांकि अमेरिका और ईरान दोनों ने पुष्टि की है कि समझौता हो गया है, लेकिन इसके क्रियान्वयन और कई मुख्य प्रावधानों को लेकर अभी भी बड़े मतभेद बने हुए हैं, जो इस सफलता के नाजुक दौर को दर्शाते हैं। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम जारी रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने के लिए नए सिरे से बातचीत शुरू करने की योजना है।

