नयी दिल्ली, रिटायर्ड और फर्स्ट क्लास क्रिकेटरों को BCCI कितनी पेंशन देता है? टेस्ट खिलाड़ियों से लेकर घरेलू और महिला क्रिकेटरों को मिलने वाली पेंशनऔर मेडिकल सुविधाओं का पूरा ब्योरा।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ियों को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद क्या उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से आर्थिक सहायता या पेंशन मिलती है? इतना ही नहीं, जिन खिलाड़ियों का करियर केवल घरेलू क्रिकेट या फर्स्ट क्लास क्रिकेट तक सीमित रहा, क्या वे भी इस योजना के दायरे में आते हैं? आइए जानते हैं BCCI की पेंशन योजना से जुड़ी अहम बातें।
फर्स्ट क्लास क्रिकेटरों के लिए पेंशन
BCCI की पेंशन योजना के तहत फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल चुके पूर्व खिलाड़ियों को हर महीने 30,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। वहीं, 2003 से पहले फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने वाले पुरुष और महिला खिलाड़ियों को बोर्ड की ओर से 45,000 रुपये प्रति माह की पेंशन प्रदान की जाती है।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को कितनी पेंशन?
भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं पूर्व महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को BCCI की ओर से 52,500 रुपये प्रति माह की पेंशन मिलती है।
इसके अलावा, पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों को 60,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है।
वरिष्ठ टेस्ट क्रिकेटरों के लिए अधिक राशि
जिन पूर्व भारतीय खिलाड़ियों ने 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, उन्हें वरिष्ठ टेस्ट क्रिकेटर की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे खिलाड़ियों को BCCI की ओर से 70,000 रुपये प्रति माह पेंशन के रूप में दिए जाते हैं।
चिकित्सा सहायता का भी प्रावधान
पेंशन के अलावा BCCI पूर्व खिलाड़ियों के लिए चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराता है। बोर्ड की नीति के अनुसार, कम से कम 10 फर्स्ट क्लास मैच खेलने वाले पूर्व क्रिकेटरों को इलाज के लिए 10 लाख रुपये तक की चिकित्सा सहायता दी जा सकती है।
खिलाड़ियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का माध्यम
BCCI की यह पेंशन योजना उन पूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट में योगदान दिया है। इसके जरिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तर के खिलाड़ियों को रिटायरमेंट के बाद वित्तीय और स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
