सतना : ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड ड्रगिस्ट्स द्वारा बुधवार को मेडिकल स्टोर्स की हड़ताल का ऐलान किया गया है. इस हड़ताल की वजह से आमजन को दवा लेने में कोई समस्या न आए इसे सुनिश्चत करने के लिए रेड क्रॉस मेडिकल स्टोर और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को 24 घंटे तक खुला रखने के निर्देश खाद्य औषधि प्रशासन द्वारा जारी कर दिए गए हैं.
ऑनलाइन दवा की बिक्री, भारी डिस्काउंट और मनमाने नियमों के विरोध में मेडिकल स्टोर्स द्वारा आज देशव्यापी हड़ताल का एलान किया गया है. इसी कड़ी में मेडिकल स्टोर्स एसोसिएशन द्वारा शहर सहित जिले भर की दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. जिसके चलते आमजन सहित गंभीर मरीजों के लिए दवा की उपलब्धतता को लेकर संकट खड़ा हो सकता है. लिहाजा इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए उपसंचालक कार्यंलय खाद्य एवं औषधि द्वारा न सिर्फ निर्देश जारी कर दिए गए हैं, बल्कि उन्हें संबंधित दवा की दुकान पर चस्पा भी करा दिया गया है.
जारी निर्देश के अनुसार मेडिकल स्टेार्स की हड़ताल के चलते आमजन और विशेषकर आपातकाली एवं गंभीर रोगियों को आवश्यक दवाएं प्राप्त करने में कठिनाई उत्पन्न होने की संभावना है. लिहाजा जनहित एवं लोक स्वास्थ्य संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला चिकित्सालय परिसर के अंदर स्थित भारतीय जन औषधि केंद्र और आरकेएस मार्केट अस्पताल चौक पर स्थित रेड क्रॉस मेडिकल स्टोर को मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 12 बजे से लेकर अगले 24 घंटे तक खुला रखने के निर्देश जारी किए गए हैं.
इसी कड़ी में दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि जीवन रक्षक एवं आवश्यक औषधियों का पर्याप्त भण्डारण, प्रशिक्षित फार्मासिस्ट की निर्धारित अवधि में उपस्थिति और आपातकालीन रोगियों एवं आमजन को बिना बाधा दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चत किया जाए.
दोनों ओर से दबावअखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ द्वारा किए गए एक दिनी हड़ताल के ऐलान के चलते एक ओर जहां जिला दवा विक्रेता संघ द्वारा रेड क्रॉस मेडिकल स्टोर और भातरीय जन औषधि केंद्र के संचालकों को भी बंद में सहयोग देने का दबाव बनाया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर खाद्य औषधि प्रशासन द्वारा दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों को हड़ताल के दौरान दवा दुकान खुली रखने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं. अब इन दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों के सामने समस्या यह है कि एक ओर जहां प्रशासन को नाराज नहीं कर सकते वहीं दूसरी ओर एसोसिएशन से भी विरोध नहीं लिया जा सकता. लिहाजा परिस्थिति के अनुसार बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
